सानिया का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा: कौन हैं माया, जो W35 टूर्नामेंट जीतने वाले यंगेस्ट इंडियन वुमन बनीं; नडाल एकेडमी में ट्रेनिंग ले चुकीं
Published:
3 min read

माया राजेश्वरन ने 17 साल और 3 महीने की उम्र में यह खिताब जीता है। जबकि सानिया मिर्जा ने यह खिताब जीता था, तब उनकी उम्र 17 साल और 10 महीने थी। (फोटो- इंस्टाग्राम)
स्पोर्ट्स डेस्क. 17 साल की माया राजेश्वरन रेवती (Maaya Rajeshwaran Revathi) ने ITF W35 लागोस टूर्नामेंट जीतकर सुर्खियां बटौर ली हैं। वे यह खिताब जीतने वाली यंगेस्ट इंडियन वुमन बन गई हैं। इस मामले में माया ने सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है। सानिया ने 2004 में यह खिताब अपने नाम किया था।

सिंगल्स और डबल्स दोनों खिताब जीते
पुर्तगाल में खेले गए इस टूर्नामेंट के फाइनल में माया ने स्पेन की सेलिया सर्विनो रुइज को 6-4, 6-2 से हराया है। फाइनल रविवार (11 अक्टूबर) को खेला गया। जब सानिया ने नाइजीरिया में यह खिताब जीता था, तब उनकी उम्र 17 साल और 10 महीने थी।
जबकि माया ने 17 साल और 3 महीने की उम्र में यह खिताब जीता है। माया स्पेन के राफेल नडाल की एकेडमी में ट्रेनिंग ले चुकी हैं। माया ने डबल्स में भी यूक्रेन की येलीजावेता कोट्लियार के साथ मिलकर टाइटल जीता है।

कौन हैं माया राजेश्वरन?
माया का जन्म 12 जून 2009 को तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुआ। वो करीब 8 साल की थीं, तब उनके पिता ने उन्हें टेनिस रैकेट थमाया था। यहां से उनका सफर शुरू हुआ। 10 साल की उम्र में टेनिस को सीरियस और फोकस के साथ खेलना शुरू किया। मां ने माया की डाइट का ख्याल रखा।
खेल में कोई दिक्कत ना हो और ट्रेनिंग अच्छे से चले, इसके लिए माया ने होमस्कूलिंग को अपनाया। माया ने खेल और पढ़ाई दोनों में बैलेंस बनाकर रखा।
ये भी पढ़ें: एशियन गेम्स में भारत कभी नंबर-1 नहीं रहा: नंबर-2 और 3 रह चुका, अब लगातार दूसरी बार नंबर-4 पर रहा; यहां सभी रिकॉर्ड्स

राफा नडाल एकेडमी में ट्रेनिंग
माया ने प्रो सर्व टेनिस एकेडमी में ट्रेनिंग शुरू की और जूनियर लेवल पर कई खिताब भी जीते। इसके बाद मुंबई ओपन 2025 में उन्होंने 15 साल की उम्र में वाइल्ड कार्ड एंट्री ली। WTA 125 लेवल के इस टूर्नामेंट में माया ने सेमीफाइनल में पहुंचकर सभी को हैरान किया था।
यहां से माया को इंटरनेशनल लेवल पर पहचान मिली। साथ ही स्पेन के मल्लोर्का में स्थित राफा नडाल एकेडमी में ट्रेनिंग का मौका मिला। यहां से माया ने जूनियर ग्रैंड स्लैम में हिस्सा लेने और यूरोपियन क्ले कोर्ट पर शानदार प्रदर्शन के साथ सफर जारी रखा।

मेन ड्रॉ में एक भी सेट नहीं हारीं
ITF W35 लागोस सिंगल्स जीतने से पहले माया की रैंकिंग 1038 थी। उन्होंने पहले ही राउंड में नंबर-1 सीड जस्टिना मिकुल्स्किते को हराया था। खिताब जीतने के लिए सभी मैच में माया ने अपने से ऊपर रैंक वाली प्लेयर्स को हराया। दिग्गजों को जिस बात ने हैरान किया वो यह है कि इस यंग टैलेंट ने मेन ड्रॉ में एक भी सेट नहीं गंवाया।

माया ने सानिया के लिए क्या कहा?
माया ने कहा कि पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 डबल्स प्लेयर सानिया मिर्जा से आगे निकलने का तो सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि उन्हें वो अपना आदर्श मानती हैं। सानिया लेजेंड हैं और हमेशा रहेंगी। माया ने यह भी बताया कि वो सानिया के सभी पॉडकास्ट और इंटरव्यू भी सुनती हैं।
ये भी पढ़ें: दीपावली पर इंडिया Vs पाकिस्तान मुकाबला: अंडर-19 एशिया कप का शेड्यूल जारी, एक ही ग्रुप में दोनों टीमें

