CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SC में याचिका: कांग्रेस का पटना से गुवाहाटी तक प्रदर्शन; CJP का अल्टीमेटम-रविवार तक इस्तीफा दें, नहीं तो 2 अक्टूबर से प्रदर्शन
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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष महाभियोग लाने की तैयारी में जुटा है।
नेशनल डेस्क. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक केस की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। ज्ञानेश कुमार पर SIR में वैधानिक कर्तव्यों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। उधर, CJP ने भी CEC ज्ञानेश कुमार को रविवार तक इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया है। अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार रविवार तक इस्तीफा नहीं देते तो 2 अक्टूबर से CJP देशभर में विरोध प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस भी पटना, गुवाहाटी से लेकर चंडीगढ़ तक कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रही है।
दरअसल, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद उठ रही है, जिसमें ये दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीने में 14 बार मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर आपत्ति जताई। इससे पहले गुरुवार को राहुल गांधी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर BJP सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोट चोरी के आरोप लगाए थे।
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सुप्रीम कोर्ट में याचिका में क्या कहा गया
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, एडवोकेट शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने संविधान के आर्टिकल 32 के तहत याचिका दायर याचिका में ज्ञानेश कुमार द्वारा अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर में बदलावों को चुनौती दी है और उन्हें असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह ज्ञानेश कुमार, सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग, डायरेक्टर जनरल (IT) सीमा खन्ना और कर्तव्यों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए गए किसी भी अन्य अधिकारी के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत शिकायत दर्ज करने और केस शुरू करने का निर्देश दे।
कांग्रेस ने देशभर में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू किए
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस ने देश के कई राज्यों और शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर लगे सरकारी बोर्ड पर कालिख पोत दी।
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गुवाहाटी में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कथित वोट चोरी के खिलाफ रैली निकाली और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गौरव गोगोई ने कहा- आज जिस प्रकार से लोगों को पता चला है कि ज्ञानेश कुमार ने अपराध किया है तो आज उनको इस्तीफा देना चाहिए और उन पर कानूनी कार्रवाई होना चाहिए और उनको गिरफ्तार करना चाहिए।
पटना में भी बिहार कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेश राम ने कहा- चुनाव आयोग के खिलाफ ये है कि राहुल गांधी लगातार जो उनकी पोल खोल रहे थे। आज साबित हो गया कि बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र में वोट चोरी से सरकार बनी है। राहुल गांधी का जवाब अब तक चुनाव आयोग ने नहीं दिया है। हम सड़क पर इसलिए निकले हैं कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा होना चाहिए।
लखनऊ में भी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसी तरह देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
CJP ने ज्ञानेश कुमार को रविवार तक का अल्टीमेटम दिया
उधर, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी ज्ञानेश कुमार को अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा- अगर ज्ञानेश कुमार रविवार तक इस्तीफा नहीं देते तो CJP 2 अक्टूबर को मुंबई से विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करेगी। इसके बाद ये देशभर में होगा।
इससे पहले CJP ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा था और जंतर-मंतर 2.O की चेतावनी दी थी। CJP ने तीन मांगें भी रखी थीं।
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CJP की तीन मांगें
- ज्ञानेश कुमार 48 घंटे में इस्तीफा दें, उनके खिलाफ आपराधिक मामला चले। किसके कहने पर ये सब किया, ये बताएं।
- आने वाले सभी चुनाव रोके जाएं। SIR फ्रीज की जाए। जनवरी 2025 की वोटर लिस्ट रिस्टोर की जाए। एक जांच कमीशन बनाए जो SIR के फैसले की जांच करे।
- चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर 2023 के कानून को बहाल किया जाए।

