CJP ने CEC को एंटी नेशनल बताया: अभिजीत दीपके बोले- 48 घंटे में इस्तीफा दें ज्ञानेश कुमार, नहीं तो देशभर जंतर-मंतर जैसा प्रदर्शन करेंगे
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CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका
नेशनल डेस्क. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनाव आयोग पर मीडिया रिपोर्ट में किए गए दावे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। साथ ही 48 घंटे में उनका इस्तीफा मांगा है। CJP ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते तो जंतर-मंतर 2.O होगा।
CJP के संस्थापक दीपके ने कहा- कल चुनाव आयोग पर जो रिपोर्ट आई है, उससे साबित होता है कि ज्ञानेश कुमार देश के सबसे बड़े एंटी नेशनल हैं। उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। वे भारत के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। भारतीय लोकतंत्र में पहले जनता तय करती थी कि किसे सरकार में बैठाना है या नहीं। लेकिन अब ज्ञानेश कुमार जबसे CEC बने, सरकार तय कर रही है कि कौन वोट देगा और कौन नहीं।
CJP की तीन मांगें
- ज्ञानेश कुमार 48 घंटे में इस्तीफा दें, उनके खिलाफ आपराधिक मामला चले। किसके कहने पर ये सब किया, ये बताएं।
- आने वाले सभी चुनाव रोके जाएं। SIR फ्रीज की जाए। जनवरी 2025 की वोटर लिस्ट रिस्टोर की जाए। एक जांच कमीशन बनाए जो SIR के फैसले की जांच करे।
- चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर 2023 के कानून को बहाल किया जाए।
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चुनाव आयोग के मुद्दे पर CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने कहा, SIR में देशभर में कुल मिलाकर 13 करोड़ से अधिक वोट काटे जा चुके हैं। यह कोई छोटी संख्या नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष और सत्ताधारी दल (NDA) के बीच अंतर सिर्फ 2% था। 13 करोड़ वोट रद्द करना कुल वोटों के लगभग 13 से 14% के बराबर है। क्या ज्ञानेश कुमार जानबूझकर 2% के अंतर को और बढ़ाने के लिए ये वोट काट रहे हैं ताकि वे (NDA) कभी सत्ता न खोएं? ऐसा क्यों किया जा रहा है? इतने सारे वोट रद्द करने की क्या जरूरत थी?
'2024 लोकसभा चुनाव के बाद हुई शुरुआत'
दीपके ने कहा- BJP को 2024 लोकसभा चुनाव में बहुमत नहीं मिला था। तभी ये पेनिक बटन दबाई गई। उन्हें लगा कि देश का मूड बदल रहा है और क्षेत्रीय दल मजबूत बनकर उभर रहे हैं। चाहें महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे हों, एनसीपी हो, स्टालिन, पी विजयन, अरविंद केजरीवाल या ममता बनर्जी हों। इन सभी मुख्यमंत्रियों को एक एक कर टारगेट किया गया। ये संयोग नहीं है। ये एक निश्चित पैटर्न था।
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अभिजीत ने कहा- प बंगाल में ममता बनर्जी की सीट पर 50 हजार वोट काटे गए और वे 15000 वोटों के अंतर से हार गईं। स्टालिन की सीट पर 1 लाख वोट काटे गए और वे 45000 से हार गए। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सीट पर 40 हजार वोट काटे गए, वे 4-5 हजार के अंतर से हार गए। अगर केरल में वोट नहीं काटे जाते तो पी विजयन की सरकार आ जाती। दीपके ने कहा- हम विपक्ष या किसी पार्टी से नहीं जुड़े। लेकिन लोकतंत्र में अगर आप पूरे विपक्ष को खत्म कर देंगे तो क्या यह लोकतंत्र बचेगा। तो क्या निष्पक्ष चुनाव होंगे।
'48 घंटे में इस्तीफा दें ज्ञानेश कुमार'
दीपके ने कहा- स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा। अगर मुख्य चुनाव आयुक्त 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं, तो CJP जून में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन की तरह देशभर में प्रदर्शन करेगी।


