हम सब कुछ जीते, फिर मुझे क्यों हटाया: कप्तानी जाने पर सूर्यकुमार बोले- सिलेक्टर्स ने टीम अनाउंस करने से 2-3 दिन पहले बताया
Published:
4 min read

रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद सूर्यकुमार यादव को भारत की कप्तानी सौंपी गई थी। (फोटो सोर्स -@BCCI)
स्पोर्ट्स डेस्क. सूर्यकुमार यादव ने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को T20 वर्ल्ड कप 2026 जिताया था। इसके ठीक बाद उन्हें टी20 टीम से ही बाहर कर दिया, इस फैसले पर हर कोई हैरान रह गया था। अब कई महीने बाद सूर्यकुमार ने खुद इस पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मेरी कप्तानी में 2 साल में कोई सीरीज नहीं हारे। हमने सब कुछ जीता, फिर मुझे क्यों हटाया दिया ये नहीं पता। टीम से हटाने को लेकर सिलेक्टर्स ने टीम अनाउंस करने से 2-3 दिन पहले बताया था।
सूर्या ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि वह टीम में नहीं हैं, तो उन्होंने सिर्फ मुस्कुरा दिया। सूर्यकुमार ने माना कि उन्हें उम्मीद थी कि वह आने वाले 2 साल तक टीम की कप्तानी करेंगे, लेकिन सिलेक्टर्स ने कुछ और फैसला किया।
‘अगले 2 साल तक इस टीम को आगे लेकर जाऊंगा’
सूर्यकुमार ने पूर्व भारतीय बैटर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में कहा - जब टीम में मेरा नाम नहीं था तो बस मुस्कुराया। जब से टीम के साथ खेल रहा हूं, प्रेशर के समय हमेशा मुस्कुराकर खुद को रिलैक्स रखा है। मैंने यही सीखा है कि जो भी होता है, उसके लिए आभारी रहना चाहिए।
उन्होंने कहा - 2026 के बाद मुझे लगा था कि मैं अगले 2 साल तक इस टीम को आगे लेकर जाऊंगा। ओलंपिक आएगा, फिर एक और T20 वर्ल्ड कप होगा। लेकिन आप क्या सोचते हैं और सामने वाला क्या सोचता है, दोनों अलग बातें हैं। सिलेक्टर्स को जो सही लगा उन्होंने वही किया। IPL उतना अच्छा नहीं गया, जितना मैं चाहता था। हम घर पर थे। दोस्त आए, परिवार आया और सभी ने कहा कि कोई बात नहीं, जिंदगी का हिस्सा है। लेकिन जब सब घर से चले जाते हैं तब आप घर पर अकेले रह जाते हैं।
ये भी पढ़े: ऋषभ पंत को स्पेशल ट्रीटमेंट मत दो : अश्विन बोले- टीम की जरूरत देखकर खेलना सीखें, हाई-रिस्क शॉट्स खेलना गलत

‘टीम ने 2 साल में एक भी सीरीज नहीं हारी थी’
सूर्यकुमार ने बताया कि वह श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाए जाने से नाराज नहीं थे। उन्होंने कहा - मैंने जो टीम चुनी गई, उसे देखा है। मैंने श्रेयस के साथ काफी क्रिकेट खेला है। वह अच्छे खिलाड़ी हैं। अच्छे इंसान हैं और अच्छे कप्तान भी हैं। इसलिए मेरे मन में यह नहीं था कि उन्हें कप्तान क्यों बनाया गया।
सूर्यकुमार ने माना कि उन्हें सिलेक्टर्स के फैसले से निराशा हुई थी। उन्होंने कहा - हां, मैं थोड़ा निराश था। आपने 2 साल में एक भी सीरीज नहीं हारी। वर्ल्ड कप जीता, एशिया कप जीता। ऐसे में आप चाहते हैं कि यही चीज आगे भी चलती रहे। जब सब कुछ अच्छा चल रहा था तो बदलाव क्यों? वजह क्या थी? यही सवाल मेरे दिमाग में चल रहा था।

टीम अनाउंस होने से 2-3 दिन पहले फोन
सूर्यकुमार ने यह भी बताया कि टीम के ऐलान से 2-3 दिन पहले सिलेक्टर्स ने उन्हें फोन किया था। उन्होंने कहा - उन्होंने मुझे फोन करके कहा कि अब आगे बढ़ने का समय है। मैंने कोई रिएक्शन नहीं दिया। यह मेरी गलती नहीं थी। सूर्यकुमार यादव कभी इस तरह रिएक्ट नहीं करता। किसी ने जो फैसला लिया, उसने टीम के लिए बेहतर सोचकर ही लिया होगा। उन्होंने मुझे बताया। मैंने इसे स्वीकार कर लिया।
‘जब भी बुलाएंगे, मैं तैयार हूं’
सूर्यकुमार ने साफ कर दिया कि वह भारतीय टीम में वापसी के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा - मैं तैयार हूं। जब भी बुलाएंगे मैं खेलने के लिए तैयार हूं। मैं क्रिकेट खेलता रहूंगा। जब आपको लगेगा कि सही समय है। चीजें सही हैं तब मैं उपलब्ध रहूंगा।

