कुलदीप को सच में वायरल फीवर था: कोलंबो टेस्ट से बाहर करने पर बैटिंग कोच बोले- बीमारी बहाना नहीं, वो खेलने की हालत में नहीं थे
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कोलंबो टेस्ट के लिए कुलदीप यादव की जगह प्लेइंग-11 में सारांश जैन को मौका दिया गया। (फोटो सोर्स - @BCCI)
स्पोर्ट्स डेस्क. श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में कुलदीप यादव को बीमारी के चलते भारतीय प्लेइंग-11 से बाहर रखा गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर आलोचना हुई कि झूठ बोलकर कुलदीप को बाहर किया गया है। अब इस मामले में टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि कुलदीप को वायरल फीवर है। उन्हें टीम से बाहर रखने के लिए बीमारी का झूठा बहाना नहीं बनाया गया।
कुलदीप को लेकर क्यों सवाल उठे?
दूसरे टेस्ट से पहले कुलदीप 2 दिन तक नेट्स में नजर नहीं आए। इसके बाद उनकी फिटनेस को लेकर कई सवाल उठे। हालांकि, टीम स्टाफ की तरफ से उनकी गैरमौजूदगी को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई थीं। अब कोटक ने क्लियर किया कि कुलदीप जब गाले से कोलंबो के लिए निकले थे, तब उन्हें सच में वायरल फीवर था।

कोटक ने कहा- जब कुलदीप गाले से निकले थे, तब उन्हें वास्तव में वायरल था। अगर कोई प्लेयर खेलने की कंडीशन में नहीं है, तो यह सोचने का कोई मतलब नहीं है कि वह फिट होते तो खेलते या नहीं। अगर किसी प्लेयर को टीम में नहीं खिलाना होता, तो उसके लिए बीमारी का बहाना हम नहीं बनाते हैं। कुलदीप उस वक्त मैच खेलने की कंडीशन में नहीं थे।
फिर सारांश जैन को क्यों मिला डेब्यू?
कुलदीप की हेल्थ में इम्प्रूवमेंट बताया जा रहा है। इसके बावजूद दूसरे टेस्ट में टीम मैनेजमेंट ने ऑफ स्पिनर सारांश जैन को डेब्यू का चांस दिया। इसके पीछे श्रीलंका के टॉप ऑर्डर में मौजूद 4 लेफ्ट हैंड बैटर्स भी बड़ी वजह रहे। कोटक के मुताबिक टीम के पास 3 फास्ट बॉलर्स या 3 स्पिनर्स के साथ उतरने का ऑप्शन था। श्रीलंका के टॉप ऑर्डर में 4 लेफ्ट हैंड बैटर्स होने की वजह से ऑफ स्पिनर को खिलाना ज्यादा इफेक्टिव ऑप्शन लगा।

पडिक्कल की लगातार दूसरी सेंचुरी से खुश कोटक
दूसरी तरफ देवदत्त पडिक्कल की लगातार दूसरी सेंचुरी ने टीम मैनेजमेंट को काफी इम्प्रेस किया। पडिक्कल ने 168 बॉल पर 117 रन की इनिंग खेली। भारतीय टीम को पहले दिन के स्टंप्स तक 300/5 के स्कोर तक पहुंचाया।
कोटक ने पडिक्कल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय से इंतजार करने के बाद मिले मौके का पूरा फायदा उठाया। उनके इंटेंट, टेम्परामेंट और बैटिंग स्पीड को कोटक ने टीम के लिए पॉजिटिव साइन बताया।

हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या पडिक्कल ने नंबर-3 की पोजिशन पक्की कर ली है, तो कोटक ने कोई डायरेक्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि नंबर से ज्यादा जरूरी है कि बैटर रन बना रहा है।
300/3 होता तो बेहतर
कोटक ने माना कि 300/5 एक अच्छा स्कोर है, लेकिन भारत इससे भी बेहतर पोजिशन में हो सकता था। उन्होंने बताया कि टीम के 3 बैटर्स 50, 45 और 43 रन बनाकर आउट हुए। कोटक के मुताबिक अगर इनमें से कोई एक बैटर अपनी इनिंग को सेंचुरी में कन्वर्ट कर देता, तो भारत दिन का खेल 3 या 4 विकेट के नुकसान पर खत्म कर सकता था।

