पाकिस्तान के 13 कॉमनवेल्थ में 83 मेडल: भारत के ब्रॉन्ज इससे ज्यादा; इंडिया के 216 गोल्ड समेत 603 मेडल, देखें कम्पैरिजन
Published:
2 min read

भारतीय बॉक्सर प्रिया घंघास ने वुमन्स की 60kg वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता है। उन्होंने फाइनल में कनाडा की Marie-Bathoul Al-Ahmadieh को 4-1 से हराया। (फोटो- ANI)
स्पोर्ट्स डेस्क. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 इस बार स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक हुए। इसमें भारत 13 गोल्ड समेत 39 मेडल जीतकर चौथे नंबर पर रहा। दूसरी ओर पाकिस्तान एक ही मेडल जीत सका, वो भी ब्रॉन्ज। टैली में पाकिस्तान संयुक्त रूप से सबसे आखिर में यानी 36वें नंबर पर रहा। यदि ओवरऑल कॉमनवेल्थ मेडल की बात करें तो पाकिस्तान भारत से कोसों दूर है।
पाकिस्तान के टोटल मेडल से ज्यादा भारत के ब्रॉन्ज
पाकिस्तान ने पहला कॉमनवेल्थ सीजन 1954 में खेला था, जिसमें 1 गोल्ड समेत 6 मेडल जीते थे। अब तक पाकिस्तान ने 13 सीजन खेले, जिसमें 83 मेडल ही जीत सका। इसमें 27 गोल्ड, 27 सिल्वर और 29 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
दूसरी ओर भारत है, जिसके ब्रॉन्ज भी पाकिस्तान के टोटल मेडल से ज्यादा हैं। भारत ने पहली बार 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था। तब एक ही मेडल (ब्रॉन्ज) जीता था। तब से अब तक भारत ने 19 सीजन खेले, जिसमें 603 मेडल जीते। इसमें 216 गोल्ड, 207 सिल्वर और 108 ब्रॉन्ज शामिल हैं।


32 साल में सबसे छोटा कॉमनवेल्थ
यह ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 32 साल में सबसे छोटा टूर्नामेंट रहा, जिसमें सिर्फ 10 ही खेलों को शामिल किया गया था। यही बड़ी वजह भी रही कि भारत 28 साल में पहली बार 50 से कम मेडल जीत सका।
इससे पहले 1998 के कुआललंपुर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 25 मेडल जीते थे। इसके ठीक अगले यानी मैनचेस्टर गेम्स 2002 में 69 मेडल जीते थे। इस बार भारत के लिए मेन्स ने 23 और वुमन्स ने 16 मेडल अपने नाम किए। इसमें मेन्स ने 5 और वुमन्स ने 8 गोल्ड जीते।

