15 साल की उम्र में दूसरा इंटरनेशनल मेडल: DPS स्टूडेंट आरुष तिवारी ने एशियन स्केटिंग में जीता सिल्वर; 'व्हील्स टू आइस' के लेखक भी हैं
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आरुष तिवारी ने एशियन ओपन फिगर स्केटिंग ट्रॉफी 2026 में भारत के लिए रजत पदक जीता।
स्पोर्ट्स डेस्क। दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), वसंत कुंज के क्लास 10 के स्टूडेंट आरुष तिवारी ने एशियन ओपन फिगर स्केटिंग ट्रॉफी 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। 1 से 5 अगस्त 2026 तक इंडोनेशिया के जकार्ता में हुई इस इंटरनेशनल कंपटीशनप में आरुष ने शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह है कि वह लगातार दो साल एशियन ओपन फिगर स्केटिंग प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय फिगर स्केटर बन गए हैं।
लगातार दूसरे साल एशियन ओपन में जीता मेडल
आरुष की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने लगातार दूसरी बार एशियन ओपन प्रतियोगिता में पोडियम पर जगह बनाई है। साल 2025 में उन्होंने फिलीपींस के मनीला में आयोजित एशियन ओपन फिगर स्केटिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद 2026 में उन्होंने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए जकार्ता में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
इस बार आरुष ने इंटरमीडिएट नोविस कैटेगरी में हिस्सा लिया। वहीं, 2025 में उन्होंने बेसिक नोविस श्रेणी में प्रतिस्पर्धा की थी।
साल 2026 में आरुष का शानदार प्रदर्शन
साल 2026 आरुष के लिए अब तक बेहद खास रहा है। उन्होंने इस साल जिन प्रमुख प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, उनमें हर बार पोडियम फिनिश हासिल की। उन्होंने खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीता। इसके बाद 21वीं नेशनल फिगर एंड स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप 2026 में भी उन्हें कांस्य पदक मिला। अब एशियन ओपन फिगर स्केटिंग ट्रॉफी 2026 में उन्होंने रजत पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ी सफलता जोड़ ली है।
आरुष की लगातार अच्छी परफॉर्मेंस के पीछे उनकी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण है। कम उम्र में ही उन्होंने खुद को भारत के उभरते हुए युवा फिगर स्केटर्स में शामिल कर लिया है।
बर्फ पर चैंपियन, किताबों में अपनी कहानी
आरुष की पहचान सिर्फ एक फिगर स्केटर के तौर पर नहीं है। वह एक युवा लेखक भी हैं। उन्होंने ‘Wheels to Ice: Born to Rise’ किताब के जरिए स्केटिंग से अपने जुड़ाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की अपनी कहानी साझा की है।
अपनी किताब के जरिए आरुष युवाओं को यह संदेश देने की कोशिश करते हैं कि बड़े सपने देखने से डरना नहीं चाहिए। रास्ते में मुश्किलें आएं या असफलता मिले, फिर भी कोशिश जारी रखनी चाहिए। उनकी कहानी मेहनत, हिम्मत और अपने लक्ष्य पर भरोसा रखने की सीख देती है।
DPS वसंत कुंज की प्रिंसिपल ने दी बधाई
दिल्ली पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज की प्रिंसिपल दीप्ति वोहरा ने आरुष की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि आरुष की सफलता उन मूल्यों को दिखाती है, जिन्हें स्कूल अपने विद्यार्थियों में विकसित करने की कोशिश करता है।
उन्होंने कहा, “आरुष तिवारी की उल्लेखनीय उपलब्धियां अनुशासन, दृढ़ता, उत्कृष्टता और विनम्रता का शानदार उदाहरण हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी सफलता के साथ-साथ एक युवा लेखक के रूप में उनकी उपलब्धियां भी उन्हें हर विद्यार्थी के लिए प्रेरणा बनाती हैं। हम आरुष और उनके परिवार को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।”
आरुष बोले- भारत के लिए गोल्ड जीतना मेरा अगला लक्ष्य
सिल्लर मेडल जीतने के बाद आरुष ने कहा कि यह मेडल उनके लिए सिर्फ एक पोडियम फिनिश नहीं है, बल्कि कई साल की मेहनत और त्याग का नतीजा है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए लगातार दूसरी बार एशियन ओपन पदक जीतना मेरे लिए बेहद गर्व का क्षण है। आरुष ने कहा कि वह आगे भी और मेहनत करना जारी रखेंगे। उनका अगला बड़ा लक्ष्य भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना और तिरंगे को सबसे ऊंचे पायदान पर देखना है।
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