कुलदीप के सपोर्ट में मुरली कार्तिक: कहा- रोहित और द्रविड़ ने जो भरोसा दिखाया, वही अब भी दिखाने की जरूरत; 15 से श्रीलंका टेस्ट
Published:
5 min read

कुलदीप यादव ने भारत के लिए 18 टेस्ट की 34 पारियों में 79 विकेट लिए हैं। इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत करीब 22.35 रहा है।
स्पोर्ट्स डेस्क. टीम इंडिया इस समय श्रीलंका दौरे पर है, जहां दोनों के बीच दो टेस्ट की सीरीज खेली जाएगी। पहला मैच 15 अगस्त से गाले में होगा। इससे पहले पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक ने कुलदीप यादव को लेकर टीम मैनेजमेंट को खास सलाह दी है। कार्तिक का मानना है कि उन्हें कुलदीप पर भरोसा दिखाना चाहिए और लगातार मौके देना चाहिए।
उनके मुताबिक- राहुल द्रविड़ के कोच और रोहित शर्मा के कप्तान रहते कुलदीप से बेस्ट इसलिए निकलवाया गया, क्योंकि उन्हें एक मैच विनर का रोल दिया गया और जिम्मेदारी भी दी गई थी।
द्रविड़ के दौर में ज्यादा मौके मिले
राहुल द्रविड़ के नवंबर 2021 से जून 2024 तक कोच रहने के दौरान कुलदीप यादव ने तीनों फॉर्मेट में 60 मैच खेले। यानी उन्हें लगभग हर महीने दो मैच खेलने का मौका मिला। वहीं गौतम गंभीर के टेन्योर में कुलदीप अब तक 38 मैचों में खेले हैं, जो करीब 1.5 मैच प्रति महीने का आंकड़ा है।
हाल के समय में ऐसा लग रहा है कि कुलदीप की टीम में जगह पहले जैसी पक्की नहीं रही है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज इसका बड़ा उदाहरण रही, जहां टीम इंडिया ने कुलदीप की जगह चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरना पसंद किया।

श्रीलंका सीरीज कुलदीप के कॅरियर के लिए अहम
श्रीलंका की स्पिन के लिए मददगार पिचों पर होने वाली यह टेस्ट सीरीज कुलदीप के लिए काफी अहम मानी जा रही है। इसी बीच रविचंद्रन अश्विन भी कई बार टीम मैनेजमेंट द्वारा कुलदीप के इस्तेमाल को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
अश्विन ने अपने एक वीडियो में यहां तक कहा था कि अपने करियर के आखिरी दौर में वे और रवींद्र जडेजा कुलदीप को स्पिन गेंदबाजी का लीडर मानते थे। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि श्रीलंका के खिलाफ कुलदीप को कितने मौके मिलते हैं।

कुलदीप को सिर्फ बल्लेबाजी के नजरिए से मत देखिए
सोनी स्पोर्ट्स के एक कार्यक्रम में मुरली कार्तिक से जब पूछा गया कि क्या कुलदीप को भारत के स्पिन का लीडर बनाया जा सकता है, खासकर तब जब उनकी बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठते हैं। इस पर कार्तिक ने कहा- कुलदीप को सिर्फ उनकी बल्लेबाजी के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए।
कार्तिक के मुताबिक- कुलदीप बैट से भी पूरी तरह कमजोर नहीं हैं। उन्होंने नाइटवॉचमैन के तौर पर बल्लेबाजी करते हुए काफी देर तक क्रीज पर टिकने की काबिलियत दिखाई है। हालांकि उनकी बल्लेबाजी जडेजा और अश्विन जितनी अच्छी नहीं है, लेकिन एक स्पिन गेंदबाज के तौर पर उनकी असली ताकत विकेट लेना है।

मुरली ने आगे कहा- कुलदीप एक स्पिन गेंदबाज और मैच विनर हैं। उन्होंने अलग-अलग देशों में विकेट लेकर अपनी काबिलियत साबित की है। कुलदीप को अपनी भूमिका और टीम में जगह को लेकर भरोसा चाहिए। जब किसी स्पिनर को पता होता है कि वह टीम का पक्का हिस्सा है, तो वह मैदान पर अलग तरह से प्रदर्शन करता है। रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ ने कुलदीप के साथ इसी तरह का व्यवहार किया था और शायद इसी वजह से अश्विन और जडेजा भी उनके बारे में इतना अच्छा बोलते हैं।
टीम को कुलदीप की जरूरत महसूस होना चाहिए
कार्तिक ने कहा कि अश्विन का यह कहना कि उनकी और जडेजा की मौजूदगी में भी कुलदीप को लीड स्पिनर माना जाता था, काफी बड़ी तारीफ है। उनके मुताबिक, किसी भी खिलाड़ी को यह महसूस होना जरूरी है कि टीम को उसकी जरूरत है। कुलदीप के साथ भी यही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर टीम मैनेजमेंट कुलदीप को सही तरीके से संभालता है और उन पर भरोसा करता है, तो वह अपना बेस्ट दे सकते हैं।

गेंदबाजी कमजोर नहीं होनी चाहिए
मुरली कार्तिक ने टीम के बल्लेबाजी में ज्यादा गहराई रखने के फैसले पर भी अपनी बात रखी। उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ बल्लेबाजी मजबूत करने के लिए गेंदबाजी को कमजोर नहीं किया जा सकता। टेस्ट मैच जीतने के लिए विपक्षी टीम के 20 विकेट लेना सबसे जरूरी है। कार्तिक ने कहा कि कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे खिलाड़ी भी जरूरत पड़ने पर बल्ले से योगदान दे सकते हैं। इसलिए टीम में ऐसे गेंदबाज होने चाहिए जो समाने वाली टीम के 20 विकेट आसानी से ले सकें।
बार-बार टीम से अंदर-बाहर होने से खिलाड़ी पर असर पड़ता है
कार्तिक ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि जब किसी खिलाड़ी को लगातार खेलने का मौका नहीं मिलता, तो उसके प्रदर्शन और आत्मविश्वास दोनों पर असर पड़ता है। खिलाड़ी को समझ नहीं आता कि वह टीम से बाहर क्यों है और अंदर क्यों आया है। इससे उसके मन में कई तरह के सवाल पैदा होने लगते हैं। कुलदीप भी टीम के 15 खिलाड़ियों में शामिल हैं, यानी मैनेजमेंट उनकी काबिलियत को मानता है। लेकिन अगर उन्हें लगातार प्लेइंग इलेवन से अंदर-बाहर किया जाता रहा, तो इससे उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।
15 अगस्त से शुरू होगा भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त 2026 से खेला जाएगा। मुकाबला सुबह 10 बजे से शुरू होगा और इसे सोनी स्पोर्ट्स टेन 1 SD और HD के साथ सोनी लिव पर लाइव देखा जा सकेगा।

