टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को देनी होगी परफॉर्मेंस रिपोर्ट: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बच्चे के फ्यूचर में शिक्षक का रोल सबसे बड़ा, इनकी ट्रेनिंग की क्वालिटी पर नजर जरूरी
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नेशनल डेस्क। देशभर के टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को अब हर साल परफॉर्मेंस रिपोर्ट देनी पड़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के उस अधिकार को सही माना है, जिसके तहत वह इन इंस्टीट्यूट से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (PAR) मांग सकता है।
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई और उनका भविष्य स्कूल टीचर्स की योग्यता से सीधे जुड़ा है। ऐसे में टीचर्स के परफॉर्मेंस की क्वालिटी बनाए रखने के लिए NCTE जैसे रेगुलेटर का ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से परफॉर्मेंस रिपोर्ट मांगना कहीं से भी गलत नहीं है।
हाईकोर्ट ने 7 साल पहले NCTE का नोटिस रद्द किया था
मामला 2019 के एक आदेश से जुड़ा है। NCTE की एग्जीक्यूटिव कमेटी के सचिव ने 22 सितंबर 2019 को एक पब्लिक नोटिस जारी कर देशभर के टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से PAR जमा करने को कहा था।
इसके खिलाफ मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने कहा कि NCTE की एग्जीक्यूटिव कमेटी के पास इस तरह की रिपोर्ट मांगने का अधिकार नहीं है और उसने नोटिस को रद्द कर दिया। इसके बाद NCTE ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- रेगुलेटर को काम करने से नहीं रोक सकते
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए कहा कि NCTE एक्ट का मकसद देश में टीचर्स के एजुकेशन सिस्टम का सही तरीके से विकास करना और उसके मानकों को बनाए रखना है।
कोर्ट ने कहा कि NCTE की एग्जीक्यूटिव कमेटी ही असल में काउंसिल के कई कामों को लागू करती है। इसलिए उस पर यह जिम्मेदारी भी है कि NCTE एक्ट के मकसद को सही तरीके से लागू किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम बात यह भी कही कि अगर किसी काम को करने के अधिकार से जुड़ी बात कानून में साफ-साफ नहीं लिखी हो और वह काम रेगुलेटरी संस्था के कामों से जुड़ा हुआ हो तो रेगुलेटर उसे बिल्कुल कर सकता है।
कोर्ट के मुताबिक, टीचर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट से सालाना PAR मांगना NCTE की जिम्मेदारियों का ही हिस्सा है।
बेंच ने कहा कि बच्चे के विकास और उसके जीवन में टीचर का रोल अहम है। इसलिए टीचरों के ट्रेनिंग की क्वालिटी पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
क्या होगा इसका असर?
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद देशभर के टीचर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट पर अपनी सालाना PAR NCTE को देने की जिम्मेदारी लागू हो सकती है। इससे NCTE को संस्थानों में टीचर ट्रेनिंग की गुणवत्ता और उनके कामकाज पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

