INDIA ब्लॉक ने राष्ट्रपति मुर्मू से मिलने का समय मांगा: CEC ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर बात करेंगे! खड़गे ने विपक्षी सांसदों की मीटिंग बुलाई
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CEC ज्ञानेश कुमार और वोटर लिस्ट के SIR को लेकर विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष का विरोध अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गया है। दावा है कि INDIA ब्लॉक ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपक्ष राष्ट्रपति के सामने चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े अपने सवाल और शिकायतें रखना चाहता है।
इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार (7 अक्टूबर) को दोपहर 1 बजे विपक्षी सांसदों की लंच मीटिंग बुलाई है। यह बैठक CEC ज्ञानेश कुमार से मिलने के लिए समय मांगने वाले लेटर पर साइन करने के मकसद से अरेंज की गई है।
यानी विपक्ष अब एक तरफ राष्ट्रपति से मुलाकात की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सीधे चुनाव आयोग के साथ बैठक की कोशिश भी कर रहा है।
क्या है एजेंडा?
विपक्षी दल अपनी चार मांगें तत्काल पूरी होना चाहता है...
- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए।
- SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को पूरी तरह रद्द किया जाना चाहिए।
- SIR के दौरान जिन भी वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा शामिल किया जाना चाहिए।
- आने वाले सभी चुनावों में EVM की जगह बैलेट पेपर से वोटिंग होनी चाहिए।
मंगलवार को निर्वाचन सदन की ओर बढ़े थे सांसद
एक दिन पहले यानी मंगलवार को INDIA ब्लॉक के कई नेता और सांसदों ने चुनाव आयोग के दफ्तर यानी निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया था। पुलिस ने उन्हें रास्ते में बैरिकेड लगाकर रोक दिया था। कई विपक्षी सांसद हिरासत में ले लिए गए थे हालांकि कांग्रेस लीडर राहुल और प्रियंका गांधी के साथ कई कांग्रेस सांसदों ने निर्वाचन सदन से सटे आकाशवाणी भवन कैंपस में ही धरना शुरू कर दिया था। 8 घंटे के धरने के बाद इन्हें भी हिरासत में ले लिया गया था।
विपक्ष सीधे ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहता था। राहुल गांधी का कहना था कि हम बस CEC से मिलना चाहते हैं और पूछना चाहते हैं कि चुनाव आयोग और सरकार के बीच क्या चल रहा है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि करीब 300 विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे लेकिन ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं और इसीलिए नहीं मिले।
चुनाव आयोग ने क्या जवाब दिया?
चुनाव आयोग ने विपक्ष के प्रदर्शन के बाद अपनी सफाई में कहा कि 6 अक्टूबर को शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने CEC से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट नहीं मांगा ।
ECI के मुताबिक, शाम करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने आयोग को बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुआई में करीब 240 सांसद चुनाव संसद भवन एनेक्सी में आयुक्तों से मिलना चाहते हैं और एक ज्ञापन देना चाहते हैं।
चुनाव आयोग ने कहा कि जिस जगह और जिस तरीके से मिलने की मांग की गई थी, वह उसके तय प्रोटोकॉल के हिसाब से सामान्य तरीका नहीं था।
आयोग ने अधिकारी भेजने की पेशकश की, विपक्ष ने ठुकराया
ECI ने बताया कि बाद में उसने विपक्षी सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए अपने सबसे सीनियर एग्जीक्यूटिव अफसर को संसद भवन एनेक्सी भेजने पर विचार किया था। लेकिन विपक्ष ने इस पेशकश को स्वीकार नहीं किया। विपक्ष का कहना था कि वह सिर्फ ज्ञापन सौंपना नहीं चाहता, बल्कि चुनाव आयुक्तों के सामने सीधे अपने सवाल रखना चाहता है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मसला?
कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल बीते कई सालों से मोदी सरकार पर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। इनका कहना है कि कभी EVM में गड़बड़ी कर तो कभी चुनाव आयोग के जरिए विपक्षी दलों पर सख्ती के जरिए देशभर में BJP को जिताया जा रहा है। हाल ही में जब 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि SIR और चुनाव से जुड़े कई मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग के भीतर ही मतभेद हैं तो विपक्षी दलों को अपने दावे के सपोर्ट में फैक्ट मिल गए।
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ था कि दोनों चुनाव आयुक्त ने बीते 10 महीने में 14 बार चुनाव आयोग के फैसलों पर लिखित में आपत्ति दर्ज कराई थी। इसी के बाद विपक्षी लीडर लामबंद हुए और एक स्वर में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर डाली। कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क पर आम लोग भी इस प्रोटेस्ट में शामिल हो गए।

