E20 के खिलाफ AAP का PM आवास मार्च: पुलिस ने रोका; केजरीवाल बोले- ट्रम्प के दबाव में एथेनॉल खरीद रही केंद्र सरकार
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आम आदमी पार्टी अपने प्रोटेस्ट मार्च में 2.33 लाख लोगों के हस्ताक्षर वाली पिटीशन भी लाई। इन पिटीशन में PM मोदी से E20 प्रोग्राम वापस लेने की अपील है।
नेशनल डेस्क। आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार (4 अगस्त) को E20 पेट्रोल के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च किया। पार्टी चीफ अरविंद केजरीवाल ने इस मार्च को लीड किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रम्प के दबाव में आकर मोदी जी ने भारत में E20 प्रोग्राम लॉन्च किया, ताकि अमेरिका में बन रहे एथेनॉल को नया मार्केट मिले और अमेरिकी किसानों को फायदा हो।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि मोदी जी ट्रम्प की गुलामी कर रहे हैं और इससे भारतीयों को नुकसान हो रहा है। करोड़ों गाड़ियां खराब हो रही हैं और भारतीय किसानों के हिस्से भी कुछ नहीं आ रहा है।
‘ट्रम्प की गुलामी बंद करो’ के नारे और 2.33 लाख पिटीशन
इस प्रोटेस्ट मार्च में 'अमेरिका की गुलामी बंद करो' और 'मोदी जी शर्म करो' जैसे नारे सुनाई दिए। जब प्रोटेस्ट मार्च को PM आवास की ओर बढ़ने से रोका गया तो AAP लीडर रोड पर भी बैठे नजर आए। इस दौरान भी 'ट्रम्प की गुलामी बंद करो' और 'E20 बंद करो' जैसे नारे लगते रहे।
मार्च में कई AAP कार्यकर्ता दस्तावेजों के ढेर सिर पर रखे नजर आए। दावा किया गया कि यह E20 प्रोग्राम को वापस लेने के लिए लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिकाएं हैं। AAP नेताओं ने बताया कि कुल 2.33 लाख लोगों ने E20 के खिलाफ याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं।
E20 पर शुरू से झूठ बोल रही है मोदी सरकार: केजरीवाल
प्रोटेस्ट मार्च खत्म होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- मोदी सरकार इस पूरे मुद्दे पर शुरू से झूठ बोल रही है। पहले ये बोलते थे माइलेज कम नहीं होता, बाद में इन्हें मानना पड़ा कि एवरेज कम हो रहा है। फिर बोले कि इंजन खराब नहीं हो रहा, बाद में कहा कि सिर्फ रबड़ के पार्ट खराब होते हैं। अब कह रहे हैं कि एथेनॉल मिलाने से देश के किसानों को फायदा हो रहा है, यह बात भी झूठ है। इससे अमेरिका के किसानों को फायदा हो रहा है क्योंकि उनकी फसलों से बना एथेनॉल हम इम्पोर्ट कर रहे हैं।
हमारा प्रधानमंत्री एक कमजोर प्रधानमंत्री है: केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा- मोदी सरकार E20 के सारे नुकसान जानती है फिर क्यों यह प्रोग्राम देश की जनता पर थोपा जा रहा है। हमने जब इस बात की पड़ताल की तो पता चला कि यह सब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कारण हो रहा है। वह इनके सिर पर बैठा हुआ है। ट्रम्प के दबाव में अमेरिका से एथेनॉल खरीद रहे हैं। इनकी हिम्मत नहीं कि ट्रम्प को मना कर सके।
केजरीवाल ने आगे कहा- ट्रम्प ने अपने किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए भारत पर एथेनॉल खरीदने का दबाव बनाया और भारत यह एथेनॉल इसलिए खरीद रहा है क्योंकि हमारा प्रधानमंत्री एक कमजोर प्रधानमंत्री है।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी जी से यही निवेदन है कि ट्रम्प की गुलामी मत करो, अमेरिका से एथेनॉल खरीदना बंद करो ताकि भारत के लोग इस मुसीबत से निकल सके।
आंदोलन की जरूरत बताई
केजरीवाला ने कहा- NEET पेपर लीक के मामले में धर्मेंद्र प्रधान को हटाना मोदी जी के हाथ में था लेकिन E20 वाला प्रोग्राम इनके हाथ में नहीं है, वह सब अमेरिका से चलता है। ऐसे में अगर इस झंझट से निजात पाना है तो बड़ी संख्या में सड़क पर उतरना पड़ेगा और बड़े स्तर पर आंदोलन करना पड़ेगा। ताकि मोदी जी पर दबाव बने और वह ट्रम्प से इस मामले में बातचीत करने की ताकत जुटा सकें।
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