भूटान में ग्लेशियल झील फटी, बंगाल-असम में बाढ़ का अलर्ट: 6-8 घंटे में भारत पहुंच सकता है पानी; जानें क्या है ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड
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भूटान की शिंताफू ग्लेशियल झील फटने के बाद पश्चिम बंगाल और असम में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है।
इंटरनेशनल डेस्क। भूटान में शिंताफू ग्लेशियल झील फट गई है। इसके बाद पश्चिम बंगाल और असम में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया है। भारत के केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने अलिपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में नदी का वाटर लेवल अचानक बढ़ने की आशंका जताई है।आयोग के मुताबिक, बाढ़ का पानी भारत-भूटान सीमा तक पहुंचने में 6 से 8 घंटे तक का समय लग सकता है।
भूटान में इस पानी ने गासा जिले के गर्म पानी के झरने गासा त्शाचू के आसपास के ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। राहत की बात यह है कि पहले से लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया था। अब तक किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है।

17 खतरनाक झीलों में शामिल है शिंताफू
शिंताफू झील भूटान के उत्तर-पश्चिमी गासा जिले में हैं। यह झील मो छू नदी के ऊपरी हिस्से में है। यहां से गुरुवार की शाम पानी का फ्लो तेज हो गया। इसे भूटान की 17 ऐसी ग्लेशियल झीलों में गिना जाता है, जिनसे बाढ़ का खतरा हो सकता है। तेज पानी से गासा त्शाचू के आसपास बने ढांचे बह गए।
दो बेली ब्रिज के बहने की आशंका
भूटान के सरकारी ब्राॅडकास्ट BBS के मुताबिक, अंधेरा और पानी के तेज फ्लो होने की वजह से नुकसान का पूरा पता नहीं चल सका है। दो टेम्पररी बेली ब्रिज भी बहने की आशंका है। भूटान के अखबार कुएनसेल (Kuensel) के मुताबिक, लाया गांव की ओर जाने वाली सड़क का एक हिस्सा भी बह गया है। इस रास्ते पर आवाजाही रोक दी गई है।
बंगाल और असम के किन इलाकों में खतरा
भूटान की ओर से भारत को अलर्ट मिलने के बाद सेंट्रल वॉटर कमीशन के फ्लड फोरकास्ट मॉनिटरिंग डायरेक्टोरेट ने स्पेशल एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया कि पुनात्सांगछू नदी के ऊपरी हिस्से में अचानक आई बाढ़ का असर भारत में दिख सकता है। भारत में इस नदी को संकोश के नाम से जाना जाता है। कमीशन ने पश्चिम बंगाल के अलिपुरद्वार और असम के धुबरी में वाटर लेवल तेजी से बढ़ने की आशंका जताई है।

लोकल प्रशासन को नदी के पानी पर लगातार नजर रखने और जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में भी संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। दार्जिलिंग की पहाड़ियों और जलपाईगुड़ी समेत उत्तर बंगाल के दूसरे इलाकों में भी प्रशासन अलर्ट पर है।

