US का ईरान के साथ डबल माइंड गेम: पीस टॉक के लिए जेडी वेंस का ईरानी सिक्योरिटी चीफ को लेटर; ट्रम्प ने गल्फ कंट्रीज को हमले के लिए तैयार रहने को कहा
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस (फाइल फोेटो)
इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म इलेक्शन हैं। इससे पहले अमेरिका का ईरान के साथ डबल गेम सामने आया है। एक ओर मिडटर्म इलेक्शन से पहले पीस टॉक के लिए अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस (JD Vance) की ओर से ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के चीफ और IRGC के एक्स कमांडर मोहसिन रेजाई (Mohsen Rezaei) को एक लेटर लिखा गया है। वहीं, दूसरी ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गल्फ कंट्रीज को मिडटर्म इलेक्शन के बाद ईरान के खिलाफ हमले के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, जेडी वेंस ने लेटर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ऑर्डर पर भेजा है। इस लेटर का मकसद मिड टर्म इलेक्शन से पहले पीस टॉक को फिर से शुरू करना और नए मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट को टालना है। ऑफिसर के बीच हुई बातचीत का फोकस किसी फाइनल पीस डील पर नहीं था। इसके बजाय, दोनों पक्षों के बीच आगे बातचीत के लिए एक बेसिक नेगोशिएशन फ्रेमवर्क तैयार करने पर बात हुई।

ईरान पर हमले की तैयारी
डिप्लोमेटिक चैनल्स के जरिए बातचीत की कोशिशें जारी हैं। WSJ के मुताबिक, अमेरिका ने कई गल्फ कंट्रीज को अलर्ट किया है। उन्हें 3 नवंबर के मिडटर्म इलेक्शन के बाद ईरान के खिलाफ हमले के लिए तैयार रहने को कहा गया है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रम्प ने अभी इस पर फाइनल फैसला नहीं लिया है।
अमेरिका और इजराइल ने फरवरी में ईरान पर हमलों की शुरुआत की थी। इससे पूरे रीजन की सिक्योरिटी और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा है। ईरान की इकॉनमी पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका ने उसके बंदरगाहों पर स्ट्रिक्ट नेवल ब्लॉकेड लगा रखी है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की चेतावनी
दुनिया की करीब 20% तेल और LNG सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस पूरे कॉन्फ्लिक्ट का मेन फोकस बना हुआ है। कॉन्फ्लिक्ट शुरू होने के बाद से ही ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर कमर्शियल शिप्स की आवाजाही रोक कर रखी है। बिना परमिशन के गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
ईरानी मिलिट्री ऑफिसर और खुद मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि अगर वॉशिंगटन दोबारा मिलिट्री अटैक करता है, तो कॉन्फ्लिक्ट का दायरा और बढ़ सकता है। ईरान ने अमेरिका से जुड़े डेटा सेंटर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी जरूरी स्ट्रैटेजिक एसेट्स को निशाना बनाने की भी धमकी दी है।
7-डे फॉर्मूला
इस बीच, ईरान ने कहा है कि वह डिप्लोमेटिक सॉल्यूशन निकालने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए इंटरनेशनल मीडिएटर्स से बात कर रहा है। ईरान के फॉरेन मिनिस्टर अब्बास अराघची ने बुधवार को वॉर्निंग दी कि गल्फ रीजन में किसी भी नए मिलिट्री एस्केलेशन का ग्लोबल एनर्जी मार्केट्स पर असर पड़ सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- हमारी सेना देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, ईरान डिप्लोमेसी के जरिए सॉल्यूशन निकालने का मौका भी दे रहा है।

अराघची के मुताबिक, तेहरान कॉन्फ्लिक्ट खत्म करने के लिए 7-डे फॉर्मूला पर बात कर रहा है। इसका मकसद एक हफ्ते से भी कम समय में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना है। कतर की लीडरशिप में रीजनल मीडिएटर्स अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं। बातचीत के ड्राफ्ट में कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इसमें एक प्रस्ताव यह भी है कि ईरान के डैमेज्ड न्यूक्लियर साइट्स पर UN इंस्पेक्टर्स को जाने की अनुमति देने के बदले अमेरिका कुछ इकोनॉमिक रिलीफ दे सकता है।

