नेपाल की बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़: 35 से ज्यादा मकान और 6 पुल बहे, 10 लोग लापता, सेना ने 6 को किया एयरलिफ्ट
Published:
4 min read

नेपाल की बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ आने की वजह से कई गांवों से संपर्क टूट गया है।
इंटरनेशनल डेस्क। नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी (Budhi Gandaki River) और सियार नदी में पानी का लेवल बढ़ गया। इसके बाद कई गांवों में बाढ़ आ गई। बाढ़ में कम से कम 10 लोग लापता हैं। वहीं, तेज पानी के बहाव में 35 से ज्यादा घर और दो मोटरेबल ब्रिज समेत कुल 6 पुल बह गए।
नेपाली आर्मी और रेस्क्यू टीमों ने तुरंत राहत और बचाव का काम शुरू किया। राजधानी काठमांडू से करीब 184 किलोमीटर दूर बाढ़ इलाके में फंसे 6 लोगों को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर लिया गया।
गोरखा के असिस्टेंट चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर (Assistant CDO) नेत्र प्रसाद शर्मा ने ANI को बताया कि फ्लड से इलाके के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

6 पुल बहने से कई गांव कटे
आरूघाट (Arughat), त्रिपुरासुंदरी और सोती-मानबु में गाड़ियों की आवाजाही वाले पुल तेज बहाव में बह गए। इसके अलावा, धारचे रूरल म्युनिसिपैलिटी के वार्ड 1 और 3 को जोड़ने वाला बेली ब्रिज (Bailey Bridge) भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गया।

सस्पेंशन और फुटब्रिज बहे
मच्छीखोला-कराउजा, थाडोभार्यांग-जगत, न्याकचेट-फिल्म बाजार और घट्टेखोला-फिलिम को जोड़ने वाले पैदल सस्पेंशन ब्रिज भी तेज बहाव में बह गए। इससे कई बस्तियों का आपस में जमीनी संपर्क टूट गया है।

35 से ज्यादा घर बहे
चुमनुब्री रूरल म्युनिसिपैलिटी (Chumnubri Rural Municipality) के वार्ड 3 के पैन्यू और बगर में करीब 35 घर बह गए। वहीं, जगत, सल्लेरी, दोभान और घट्टेखोला की बस्तियों में मलबा और कीचड़ घुसने से काफी नुकसान हुआ है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया कि प्रभावित इलाकों में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए नेपाली आर्मी की टुकड़ियों को जमीन और हवा, दोनों रास्तों से तैनात किया गया है। राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए काठमांडू से एक जॉइंट रैपिड रिस्पॉन्स टीम को भी बाढ़ प्रभावित इलाके में भेजा गया है।

गृह मंत्री ने जारी किया हाई अलर्ट
नेपाल के गृह मंत्री सूदन गुरुंग ने सोशल मीडिया पर बाढ़ के खौफनाक वीडियो शेयर करते हुए एक और बड़े फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है। उन्होंने नेपाल पुलिस, आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन को लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।
होम मिनिस्टर ने बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे बसे गांवों सिरदीबास, जगत, सल्लेरी, खोरलाबेसी, मच्छीखोला, सोती, अरखेत और आरूघाट के लोगों से तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। उन्होंने कहा - नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए लोग हाई अलर्ट पर रहें। किसी भी इमरजेंसी में गृह मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर 1234 पर संपर्क करें।
47 दिन पहले क्या हुआ था
नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ ने भी बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। चीन के तिब्बत बॉर्डर के पास शुरू हुई इस आपदा का असर भोटेकोशी नदी और आसपास के इलाकों में देखने को मिला। तेज पानी के बहाव में कई घर, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि बिजली बनाने वाले हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान पहुंचा।

नेपाल की फॉरेन मिनिस्ट्री के मुताबिक, बाढ़ के शुरुआती दिनों में सैकड़ों शव बरामद किए गए थे। बड़ी संख्या में लोग लापता थे। बाद में 5 अक्टूबर को नेपाल सरकार ने बताया कि इस आपदा में 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जबकि करीब 5,000 लोग अब भी लापता हैं।
इस दौरान करीब 13,795 लोगों को रेस्क्यू किया गया। बाढ़ में 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी नुकसान पहुंचा। इसके बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाने के साथ-साथ लोगों को दोबारा बसाने की तैयारी शुरू की गई।

