नेपाल में फिर बाढ़- 21 की मौत: 49 जिलों में अलर्ट, नारायणी नदी में फंसा क्रूज; भारत में भी बाढ़ का खतरा
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नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ से 21 लोगों की मौत हुई है। भारत में भी बाढ़ का खतरा बढ़ा। फोटो- Video Screenshot
इंटरनेशनल डेस्क। नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से 21 लोगों की मौत हो गई है पांच लोग लापता हैं। 49 जिलों में अलर्ट जारी किया है। नारायणी नदी में उफान के चलते चितवन में खड़ा मिनी क्रूज बह गया। नदी में बहकर एक गैंडा भी चितवन नेशनल पार्क से दूर नवलपरासी के सुस्ता इलाके तक पहुंच गया।
बाढ़ की वजह से नदी किनारे बसे इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है। नेपाल के नदियों का वाटर लेवल बढ़ने से भारत में खास तौर पर यूपी और बिहार के बॉर्डर से सटे इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
भूस्खलन से 14 लोगों की जान गई
24 से 27 सितंबर के बीच हुई भारी बारिश और भूस्खलन से नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने रेस्क्यू और रिलीफ ऑपरेशन शुरू कर दिया है। NDRRMA के मुताबिक, भूस्खलन से सबसे ज्यादा 14 लोगों की जान गई। बाढ़ से 4 और लगातार बारिश से जुड़ी घटनाओं में 3 लोगों की मौत हुई है।
49 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट
नेपाल के 77 में से 49 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। नारायणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। चितवन समेत कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से सड़कें और बस्तियां पानी में डूब गई हैं। राहत और बचाव टीमों ने करीब 3,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है।
नारायणी नदी में क्रूज फंसा
नारायणी नदी में बाढ़ के तेज बहाव ने चितवन जिले में नदी किनारे खड़े राइनो क्रूज को भी अपनी चपेट में ले लिया। रविवार शाम बहा यह मिनी क्रूज नदी के बहाव में आगे बढ़ते हुए गैँडाकोट की ओर बने नारायणी पुल के एक पिलर से टकरा गया। इसके बाद क्रूज पलटकर पुल के नीचे उल्टा फंस गया।
क्रूज को निकालने के लिए दो क्रेन और एक एक्सकेवेटर की मदद ली गई, लेकिन शुरुआती कोशिशें सफल नहीं हुईं। क्रूज को खींचने के दौरान एक केबल टूट गई, जिसके बाद ऑपरेशन रोकना पड़ा। क्रूज के पुल के पिलर में फंसे रहने से खतरा बना हुआ है। इसे निकालने के दौरान सुरक्षा कारणों से पुल पर गाड़ियों की आवाजाही भी रोक दी गई है।
बाढ़ का असर जंगली जानवरों पर भी
चितवन नेशनल पार्क और उसके बफर जोन से बहकर आया करीब पांच साल का एक गैंडा नवलपरासी के सुस्ता इलाके में पहुंच गया। पार्क अधिकारियों के मुताबिक, गैंडे को सुरक्षित वापस लाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए उसे बेहोश कर नाव या भारत के रास्ते वापस ले जाने की प्लानिंग की जा रही है।
नेपाल अभी पिछले महीने आई बाढ़ से उबर भी नहीं पाया है। अगस्त में आई बाढ़ में करीब 1,450 लोगों की मौत हुई थी। हजारों लोग अब भी लापता हैं। ऐसे में सितंबर के आखिरी सप्ताह में हुई भारी बारिश और भूस्खलन ने लोगों को दोबारा नॉर्मल ढंग से बसाने की चुनौती और बढ़ा दी है।
यूपी-बिहार में भी बाढ़ का खतरा
नेपाल में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते वाटरलेवल का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी दिखने लगा है। गंडक नदी में पानी बढ़ने और बिहार के कुछ इलाकों में तटबंध टूटने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पश्चिम चंपारण समेत बिहार के कई जिलों और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में भी अलर्ट की स्थिति है। ऐसे में नेपाल में जारी बारिश और नदियों के जलस्तर पर भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी नजर रखी जा रही है।

