क्या भारतीय एथलीट्स पाकिस्तान में SAF गेम्स खेलेंगे: विदेश मंत्रालय ने कहा- नई पॉलिसी पढ़ लो, उसी के हिसाब से फैसला लेंगे; टूर्नामेंट अप्रैल 2027 में होगा
Published: Updated:
4 min read

SAF गेम्स में कई खेल होते हैं। यह टूर्नामेंट हर 2 साल में होता है। इस फेडरेशन में फिलहाल 8 सदस्य देश भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव और अफगानिस्तान हैं। (फोटो- सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. अगले साल साउथ एशियन फेडरेशन (SAF) गेम्स 2027 होने हैं। इसकी मेजबानी पाकिस्तान को मिली है। ऐसे में सवाल फिर आ गया है कि क्या भारतीय एथलीट्स इन गेम्स के लिए पाकिस्तान जाएंगे या नहीं? यही सवाल जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि हम नई स्पोर्ट्स पॉलिसी के हिसाब से फैसला लेंगे। यह पॉलिसी वेबसाइट पर है, जाकर पढ़ लीजिए।
मीडिया से बातचीत में MEA प्रवक्ता रणधीर ने कहा- किसी भी इंटरनेशनल टूर्नामेंट या मल्टीलेटरल चैम्पियनशिप में भारत हिस्सा लेगा या नहीं, इसका फैसला नई पॉलिसी के तहत किया जाता है, जो हाल ही में खेल मंत्रालय ने जारी की थी।
अप्रैल 2027 में होंगे यह SAF गेम्स
यह नई पॉलिसी पहले ही सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दी गई है, जिसे पढ़ सकते हैं। इस तरह के मामलों में हम कोई भी फैसला करने के लिए इंटरनेशनल संस्थाओं और स्पोर्ट्स संस्थाओं के निर्देशों के साथ खिलाड़ियों को हितों को ध्यान में रखते हैं।
SAF गेम्स अगले साल 3 से 11 अप्रैल तक इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में होंगे। साउथ एशियन ओलंपिक काउंसिल (SAOC) ने पहले ही तारीखों और वेन्यू को तय कर दिया है।
क्रिकेट सीरीज 14 साल से बंद
राजनीतिक तनाव और आतंकवाद के मुद्दे के चलते भारत ने पहले ही पाकिस्तान के खिलाफ बाइलेटरल क्रिकेट सीरीज खेलने से मना कर दिया था। दोनों टीम के बीच आखिरी बाइलेटरल सीरीज 2012 के आखिर में हुई थी। 14 साल से भारतीय और पाकिस्तानी टीम सिर्फ ICC और एशिया कप में ही एकदूसरे के खिलाफ मैच खेल रही हैं।
भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं जाएगी
पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय खेल मंत्रालय ने नई पॉलिसी जारी की थी। खेल मंत्रालय की वेबसाइट पर 'अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के प्रति भारतीय नीति' टाइटल वाली एक फाइल है। इसी में नई पॉलिसी के बारे में डीटेल्स से बताया गया है।
इसके मुताबिक, इंडिया और पाकिस्तान के बीच किसी भी खेल में कोई कोई बाइलेटरल सीरीज नहीं होगी। भारतीय टीम बाइलेटरल सीरीज के लिए पाकिस्तान नहीं जाएगी और ना ही PAK टीम का भारत दौरा होगा।
कोई भारतीय एथलीट भी पाकिस्तान नहीं जाएगा और ना ही उस देश का एथलीट भारत आएगा। हांलाकि, यह नई पॉलिसी मल्टी-लेटरल सीरीज या टूर्नामेंट पर लागू नहीं होती है।
मल्टी-लेटरल सीरीज या टूर्नामेंट के लिए क्या?
इसमें कहा गया है कि मल्टी-लेटरल सीरीज या टूर्नामेंट के लिए उस खेल से संबंधित इंटरनेशनल संस्था के रूल्स और अपने प्लेयर्स के हितों को भी ध्यान में रखते हैं। यानी साफ है कि जिस भारतीय टीम या एथलीट्स उस टूर्नामेंट में भी खेल सकते हैं, जिसमें पाकिस्तानी टीम या एथलीट्स खेल रहे हों। भारत में कोई टूर्नामेंट होता है तो पाकिस्तानी प्लेयर्स भी शामिल हो सकते हैं।
ऐसे में अब देखना होगा कि आखिरी समय पर भारतीय खेल मंत्रालय क्या फैसला करते हैं। क्योंकि क्रिकेट में तो भारतीय टीम अपने सभी मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेलती है। बाकी स्पोर्ट्स में यह फॉर्मूला अब तक नहीं अपनाया गया है। अब देखना होगा कि भारत सरकार पाकिस्तान जाकर खेलने की अनुमति देती है या नहीं? हालांकि अनुमति देने की संभावना बेहद कम है।

