शशांक सिंह छत्तीसगढ़ छोड़कर पुडुचेरी के लिए खेलेंगे: ऑलराउंडर ने कहा- चोट लगी तो बोर्ड ने साथ नहीं दिया, लीग से भी बगैर वजह बताए निकाला
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IPL 2024 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबले के दौरान शॉट खेलते पंजाब किंग्स के शशांक सिंह।
स्पोर्ट्स डेस्क. IPL की फ्रेंचाइजी पंजाब किंग्स (PBKS) के ऑलराउंडर शशांक सिंह 2026-27 घरेलू सीजन से छत्तीसगढ़ छोड़कर पुडुचेरी की टीम में शामिल हो गए है। शशांक का कहना है कि जब उन्हें चोट लगी तो राज्य क्रिकेट संघ का साथ नहीं मिला। टीम से बाहर किया गया। वजह पूछी तो किसी ने जवाब तक नहीं दिया। अब उन्होंने नई शुरुआत करने और व्हाइट-बॉल क्रिकेट पर ध्यान देने का फैसला किया है।
आखिर क्यों छोड़ा छत्तीसगढ़?
शशांक सिंह ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) से NOC लेकर पुडुचेरी जाने का फैसला किया है। उनके मुताबिक यह फैसला एक दिन में नहीं लिया गया, बल्कि काफी समय से चल रही नाराजगी के बाद लिया गया।

कंधे और हाथ की उंगली में चोट लगी थी
शशांक ने TOI से बातचीत में कहा कि पिछले सीजन उनके कंधे और हाथ की उंगली में गंभीर चोट लगी थी। तब मुश्किल वक्त में छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ ने उनका बिल्कुल साथ नहीं दिया। सीजन खत्म होने के बाद उनका नाम भी छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग की लिस्ट में नहीं था।
इसके बाद बेंगलुरु में लगे प्री-सीजन कैंप के लिए भी उन्हें नहीं बुलाया गया। शशांक ने कहा कि जब उन्होंने अधिकारियों से इसकी वजह पूछी तो किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। उनके मुताबिक, कुछ लोगों ने यह तक कह दिया कि तुम्हें सिर्फ IPL खेलना है, घरेलू क्रिकेट नहीं।
मुझे सम्मान और साफ जवाब मिलना चाहिए था
शशांक ने कहा कि यह बात पूरी तरह गलत है। उन्होंने याद दिलाया कि फरवरी 2025 में उन्हें BCCI का लाला अमरनाथ अवॉर्ड मिला था, जो घरेलू वनडे और टी20 क्रिकेट के बेस्ट ऑलराउंडर को दिया जाता है। अगर देश का बेस्ट व्हाइट-बॉल ऑलराउंडर चुना गया हूं, तो कम से कम मुझे सम्मान और साफ जवाब तो मिलना चाहिए था।
कोई स्पेशल सुविधा नहीं मांग रहा था
ESPNcricinfo से बातचीत में शशांक ने कहा- IPL खत्म होने के बाद उन्होंने कई बार राज्य संघ के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। मैं कोई स्पेशल सुविधा नहीं मांग रहा था। बस यह जानना चाहता था कि मुझे टीम और कैंप से बाहर क्यों रखा गया। मैं सम्मान और साफ जवाब का हकदार था, मजाक का नहीं।
रणजी ट्रॉफी के दौरान मुंबई के खिलाफ मैच में उनके कंधे में चोट लगी थी। मेडिकल रिपोर्ट में भी चोट की पुष्टि हुई थी, लेकिन फिर भी अधिकारियों को लगा कि वह जानबूझकर नहीं खेल रहे हैं। इसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी से पहले बेंगलुरु में अभ्यास के दौरान प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद उनके अंगूठे पर लगी, जिससे फ्रैक्चर हो गया था।

अब सिर्फ व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलेंगे
लगातार इंजरी के बाद शशांक ने फैसला किया है कि इस सीजन वह रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेलेंगे। उनका कहना है कि अब वह खुद को पूरी तरह व्हाइट-बॉल क्रिकेट में ऑलराउंडर के तौर पर तैयार करना चाहते हैं। उनका टारगेट पुडुचेरी और पंजाब किंग्स दोनों के लिए बैटिंग के साथ-साथ पूरे चार ओवर गेंदबाजी भी करें।
CSCS ने क्या कहा?
जब इस पूरे मामले पर छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ से सवाल किया गया तो संघ के एक अधिकारी ने सिर्फ इतना कहा
- शशांक ने NOC मांगी थी, जो दे दी गई।
- बाकी जो बातें उन्होंने कही हैं, वे उनकी अपनी राय है।
- संघ इस मामले पर और कोई टिप्पणी नहीं करेगा।
हाल ही में विवादों में भी रहे
कुछ समय पहले शशांक सिंह और उनके पिता के खिलाफ अपने रसोइए से मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला दर्ज हुआ था। हालांकि शशांक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें सभी आरोपों से राहत मिल चुकी है।

अब नई शुरुआत की तैयारी
शशांक का मानना है कि पुडुचेरी उनके कॅरियर की नई शुरुआत है। वह पूरी तरह फिट हैं और फिर से वही दमदार व्हाइट-बॉल ऑलराउंडर बनना चाहते हैं, जिसकी बदौलत उन्होंने घरेलू क्रिकेट और IPL में अपनी पहचान बनाई थी।
शशांक सिंह का रिकॉर्ड
फर्स्ट क्लास
- 24 मैच
- 905 रन
- 16 विकेट
लिस्ट-A
- 35 मैच
- 1054 रन
- 37 विकेट
T20
- 110 मैच
- रन 1763
- 25 विकेट
IPL कॅरियर
- मैच 53
- रन 905
- फिफ्टी 6

