क्या शमी के लिए टीम इंडिया के दरवाजे बंद?: इस रणजी सीजन में 37 विकेट लेकर भी नहीं मिली जगह, दावा- 15 पेसर्स के कोर ग्रुप में भी नहीं
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मोहम्मद शमी ने भारतीय टीम के लिए अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच 9 मार्च 2025 को खेला था। यह न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल था।
स्पोर्ट्स डेस्क. तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पिछले कुछ समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। चोट से वापसी के बाद उन्होंने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में गेंदबाजी करते हुए 37 विकेट लिए और अपनी फिटनेस भी साबित की। इसके बावजूद उन्हें श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए नहीं चुना गया।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि BCCI ने 15 तेज गेंदबाजों का एक कोर ग्रुप तैयार कर लिया है, जिसमें शमी का नाम शामिल नहीं है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या टीम इंडिया अब शमी से आगे बढ़ चुकी है और उनकी इंटरनेशनल वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं?
काफी समय से टीम से बाहर हैं शमी
मोहम्मद शमी ने इंडिया के लिए कई यादगार मैच जिताए हैं। खासकर 2023 वनडे वर्ल्ड कप में उनकी गेंदबाजी को कोई नहीं भूल सकता, लेकिन 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से उन्हें लगातार टीम इंडिया से बाहर रखा जा रहा है।
शमी ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में 37 विकेट लेकर दिखा दिया कि उनमें अभी भी दम बाकी है। उन्होंने कई बार कहा कि वह पूरी तरह फिट हैं और भारत के लिए खेलने को तैयार हैं। लेकिन श्रीलंका टेस्ट सीरीज की टीम में उनका नाम नहीं आया। यहीं से साफ हो गया कि सिलेक्टर अब किसी और दिशा में सोच रहे हैं।

अगरकर का फोकस यंग प्लेयर पर
स्पोर्टस्टार की रिपोर्ट के मुताबिक- चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और उनकी टीम ने 15 पेसर्स का एक कोर ग्रुप तैयार किया है। यही खिलाड़ी आने वाले सालों में भारत की तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस ग्रुप में मोहम्मद शमी का नाम नहीं है। सिलेक्टर्स की नजर अब अगले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) और 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर है। इसलिए वे अभी से नए बॉलर को ज्यादा मौके देना चाहते हैं, ताकि बड़े टूर्नामेंट तक वे पूरी तरह तैयार हो जाएं।
बुमराह का वर्कलोड भी बड़ी वजह
जसप्रीत बुमराह टीम इंडिया के सबसे अहम तेज गेंदबाज हैं, लेकिन उनका वर्कलोड मैनेज भी जरूरी है। ऐसे में सिलेक्टर्स चाहते हैं कि बुमराह के साथ-साथ युवा तेज गेंदबाजों का एक मजबूत बाॅलिग अटैक तैयार हो। इसी वजह से अब मोहम्मद सिराज की जिम्मेदारी भी बढ़ने वाली है। बुमराह के साथ सिराज को इंडिया टीम का पेस अटैक लीड करते हुए देखा जा रहा है, जबकि बाकी युवा गेंदबाजों को लगातार मौके दिए जाएंगे।

श्रीकांत ने जताई नाराजगी
पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत इस फैसले से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि युवा गेंदबाजों को मौका मिलना चाहिए, लेकिन शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज को पूरी तरह नजरअंदाज करना हैरानी वाली बात है। उन्होंने प्रिंस यादव, गुरनूर बरार और मोहसिन खान जैसे खिलाड़ियों की तारीफ भी की, लेकिन शमी को बाहर रखने पर सवाल उठाए।

क्या अब खत्म हो गया शमी का सफर?
फिलहाल BCCI या चयनकर्ताओं ने ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है कि मोहम्मद शमी का इंटरनेशनल कॅरियर खत्म हो गया है। लेकिन जिस तरह मैनेजमेंट भविष्य की टीम तैयार करने में जुटा है और युवाओं पर भरोसा दिखा रहा है, उससे इतना जरूर साफ है कि शमी की वापसी अब पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गई है।
शमी ने भारतीय टीम के लिए अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच 9 मार्च 2025 को खेला था। यह न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल था, जो दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुआ था। इसके बाद से शमी टीम इंडिया के लिए कोई भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेल सके।

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