3 दिन खाना-पानी कम किया, फिर तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड जीता: मीराबाई चानू बोलीं- नेशनल एंथम के दौरान आंसू रोक नहीं पाई
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स्पोर्ट्स डेस्क. भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) 2026 में गोल्ड जीत लिया। उन्होंने वुमन्स के 48 किग्रा वेट कैटेगरी में 190 किग्रा वजन उठाकर भारत को पहला गोल्ड दिलाया। इस जीत के बाद मीराबाई ने खुलासा किया कि 48 किग्राम वजन बनाए रखने के लिए वह लगातार 3 दिन तक ठीक से खाना नहीं खा सकीं और खुद को डीहाइड्रेट रखना पड़ा।
3 दिन ठीक से खाना नहीं खाया
गोल्ड जीतने के बाद NDTV से बातचीत में मीराबाई ने कहा कि पिछले 3 दिन से उन्होंने ठीक से खाना नहीं खाया था। मुकाबले के बाद भी उनका सबसे पहला मन सिर्फ पानी पीने का था।
उन्होंने कहा- मैं अभी भी वेन्यू पर हूं। पिछले 3 दिन से ठीक से खाना नहीं खाया। इस समय सिर्फ पानी पीने का मन कर रहा है। खाना बाद में खाऊंगी।

नेशनल एंथम के दौरान रो पड़ीं
पोडियम पर नेशनल एंथम बजते ही मीराबाई की आंखों से आंसू निकल पड़े। उन्होंने बताया कि ये आंसू खुशी के साथ-साथ पिछले कुछ सालों के संघर्ष की याद में थे।
मीराबाई ने कहा- इंजरी, वेट कैटेगरी बदलना और हर दिन अपना वजन कंट्रोल करना आसान नहीं था। उम्र भी अब पहले जैसी नहीं रही। पोडियम पर खड़े होकर मुझे अपना पूरा संघर्ष याद आ गया, इसलिए आंसू अपने आप निकल आए।
पेरिस ओलंपिक का दर्द भी याद किया
मीराबाई ने कहा कि पेरिस ओलंपिक उनके लिए काफी मुश्किल रहा था। वह हिप इंजरी से जूझ रही थीं और मुकाबले वाले दिन पीरियड्स के दर्द में भी थीं। इसके बावजूद उन्होंने हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा- हर महिला समझ सकती है कि उस दर्द में खेलना कितना मुश्किल होता है, लेकिन एथलीट होने के नाते हमें देश के लिए मुकाबले में उतरना ही पड़ता है।
कॅरियर का सबसे मुश्किल गोल्ड
मीराबाई ने कहा कि उनके सभी गोल्ड स्पेशल हैं, लेकिन यह गोल्ड सबसे अलग है। उन्होंने कहा- पहले सिर्फ ट्रेनिंग पर फोकस करना होता था। अब इंजरी, वजन और शरीर की कई चीजों को मैनेज करना पड़ता है। इसलिए यह गोल्ड मुझे सबसे ज्यादा संतुष्टि देता है। मीराबाई ने साफ किया कि फिलहाल उनका पूरा फोकस एशियन गेम्स पर है। दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में खेलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी वह आगे की योजना नहीं बना रही हैं।
डोपिंग पर प्लेयर्स को चेतावनी दी
भारत की छोटी वेटलिफ्टिंग टीम पर बात करते हुए मीराबाई ने कहा कि डोपिंग की वजह से देश को नुकसान हुआ है। उन्होंने प्लेयर्स से अपील करते हुए कहा- अपने कॅरियर को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी चीज से दूर रहें। एक गलती आपकी 4 साल की मेहनत खत्म कर सकती है। अपने ऊपर भरोसा रखिए।

कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी तोड़ा
वुमन्स के 48 किग्रा कैटेगरी में मीराबाई चानू ने 85 किग्रा स्नैच और 105 किग्रा क्लीन एंड जर्क के साथ कुल 190 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने इस दौरान नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया और लगातार तीसरा CWG गोल्ड अपने नाम किया। साथ ही यह उनके कॅरियर का चौथा कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल भी है।
ऋषिकांत ने सिल्वर मेडल जीता
अपना दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स खेल रहे ऋषिकांत सिंह (Rishikanta Singh) ने मेन्स के 60 Kg वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। इस कैटेगरी में मलेशिया के अनीक कसदान ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इससे पहले ऋषिकांत ने बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में 55 Kg वेट कैटेगरी में हिस्सा लिया था। वह मौजूदा कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के भी चैंपियन हैं।

राजा मुथुपंडी ने सिल्वर जीता
राजा मुथुपंडी (Raja Muthupandi) ने मेन्स की 65kg वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने स्नैच में 126kg और क्लीन एंड जर्क में 160kg वजन उठाकर कुल 286kg का स्कोर बनाया। यह भारत का दिन का तीसरा और वेटलिफ्टिंग में चौथा मेडल रहा।
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