40 एकड़ बंजर जमीन पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: सेक्रेटरी बोले- जय शाह ने तेजी से पूरा कराया वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट, इसमें कई दिक्कतें भी आईं
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जय शाह अभी ICC के चेयरमैन हैं। उन्होंने 1 दिसंबर 2024 को यह जिम्मेदारी संभाली थी। वह बिना किसी मुकाबले के चुने गए थे और ग्रेग बार्कले की जगह ICC के चेयरमैन बने। जय शाह ICC की कमान संभालने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति और तीसरे भारतीय हैं।
स्पोर्ट्स डेस्क. करीब 40 एकड़ बंजर जमीन पर आज BCCI का नए जमाने का वर्ल्ड क्लास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) खड़ा है। इस पूरे प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने में (ICC) के अध्यक्ष जय शाह का अहम रोल रहा। उन्होंने तेजी से इस प्रोजेक्ट को पूरा करवाया। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि इस काम में कई मुश्किलें आईं।
सैकिया के मुताबिक, जय शाह ने इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों और सदस्यों को साथ लिया और पुरानी नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) की अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ने का फैसला किया। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नवंबर 2024 में शुरू हुआ और अब अपनी दूसरी सालगिरह के करीब पहुंच रहा है।
जमीन को लेकर सबसे बड़ी चुनौती क्या थी?
देवजीत सैकिया ने कहा- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने से पहले सबसे बड़ी परेशानी 40 एकड़ जमीन को लेकर थी। यह जमीन लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं थी और कई लोग इसे वापस लेने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में निर्माण शुरू करने से पहले जमीन से जुड़े सभी मामलों को सुलझाना जरूरी था।
सैकिया के मुताबिक- 14 फरवरी 2022 को इस जमीन पर काम शुरू हुआ। इससे पहले जमीन को नियमित कराने के साथ कई कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें दूर करनी पड़ीं। जय शाह खुद भी कई बार मौके पर पहुंचे और इन मामलों को सुलझाने में -भूमिका निभाई।

जय शाह ने सभी को साथ लेकर आगे बढ़ाया प्रोजेक्ट
BCCI सचिव ने बताया कि जय शाह ने इस प्रोजेक्ट को सिर्फ इमारत बनाने का काम नहीं देखा। उन्होंने BCCI की एपेक्स काउंसिल के सभी लोगों को साथ लिया और तय किया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का काम तेजी से पूरा किया जाना चाहिए।
पुरानी नेशनल क्रिकेट एकेडमी की व्यवस्था अस्थायी थी। इसलिए BCCI को एक ऐसी जगह की जरूरत थी, जहां खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, फिटनेस और रिहैब से जुड़ी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके। इसी सोच के साथ नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को तैयार करने का काम आगे बढ़ा।

NCA से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक का सफर
इस पूरे बदलाव में पूर्व भारतीय क्रिकेटर VVS लक्ष्मण की भूमिका भी काफी अहम रही। राहुल द्रविड़ के भारतीय टीम के हेड कोच बनने के बाद NCA की जिम्मेदारी संभालने के लिए लक्ष्मण दिसंबर 2021 में बेंगलुरु पहुंचे थे।
लक्ष्मण ने पहले बताया था कि जय शाह और उस समय BCCI अध्यक्ष रहे सौरव गांगुली ने उनसे संपर्क किया था। उनका मकसद यह था कि राहुल द्रविड़ के टीम इंडिया के साथ जुड़ने के बाद NCA का काम सही तरीके से चलता रहे।
आर्किटेक्ट और L&T टीम के साथ बैठकों में भी शामिल होते थे जय शाह
VVS लक्ष्मण ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को तैयार करने में जय शाह का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि करीब दो साल के अंदर पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होकर काम करने लगा।
लक्ष्मण के मुताबिक- जय शाह BCCI सचिव रहते हुए आर्किटेक्ट्स और L&T की टीम के साथ होने वाली कई बैठकों में खुद शामिल होते थे। वह यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़ी हर छोटी-बड़ी चीज को सही तरीके से तैयार किया जाए।
नवंबर 2024 में शुरू हुआ BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
BCCI का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नवंबर 2024 में आधिकारिक तौर पर काम करने लगा। करीब 40 एकड़ की खाली जमीन से शुरू हुआ यह सफर अब बड़े क्रिकेटिंग सेंटर में बदल चुका है।
इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार होने में करीब दो साल का समय लगा। BCCI के लिए यह सिर्फ एक नई इमारत या क्रिकेट ग्राउंड तैयार करने का प्रोजेक्ट नहीं था, बल्कि खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग, फिटनेस और रिहैब सुविधाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम था। जय शाह की पहल, BCCI अधिकारियों की मेहनत और VVS लक्ष्मण जैसे लोगों की रोल ने इस पूरे बदलाव को जमीन पर उतारने में मदद की।

