इमरान खान के बेटे ने लगाई पिता को बचाने की गुहार: कासिम खान बोले- पिता की जेल में सेहत बिगड़ रही; इंटरनेशनल कम्युनिटी मदद करे
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान ने अपने पिता को बचाने के लिए इंटरनेशनल कम्युनिटी से मदद की गुहार लगाई है।- फाइल
इंटरनेशनल डेस्क। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान ने पहली बार अपने पिता की सेहत को लेकर दुनिया से खुली अपील की है। कासिम ने कहा- मेरे पिता इमरान खान करीब 1100 दिनों से जेल में हैं और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। परिवार को कई महीनों से उनसे मिलने तक नहीं दिया गया। मैं इंटरनेशनल कम्युनिटी से अपील करता हूं कि पाकिस्तान पर प्रेशर बनाया जाए, ताकि मेरे पिता को सही इलाज मिल सके। उन्हें अपने परिवार से मिलने का अधिकार मिल सके।
आखिरी बार मार्च में पिता से बात हुई थी-कासिम
कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मेरी पिता से आखिरी बार मार्च में बात हुई थी। तब से न मैंने अपने पिता की आवाज सुनी और न ही परिवार को किसी तरह का संपर्क करने दिया गया। हमें यह तक नहीं पता कि उन्हें सही मेडिकल ट्रीटमेंट मिल रहा है या नहीं। मेरे पिता की आंखों की रोशनी लगातार कमजोर हो रही है। उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत है।

फिलहाल अडियाला जेल में बंद हैं इमरान
इमरान खान इस समय रावलपिंडी की अडियाला जेल में कैद हैं। उन्हें एक सेल में आइसोलेशन में रखा गया है। उन्हें 5 अगस्त 2023 को तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर कई और मामलों में भी एक्शन हुआ। इमरान ने अपनी बहनों से मुलाकात के दौरान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने दिसंबर 2025 से उनकी मुलाकातों पर भी पाबंदी लगा दी है।
एक बेटे के तौर पर मुझे पिता की चिंता
कासिम खान ने कहा- मुझे अपने पिता की सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी तौर पर भी बहुत याद आती है। मैं अपने पिता से क्रिकेट, किताबों और फिल्मों जैसी नॉमर्ल बातें करना चाहता हूं, लेकिन महीनों से यह भी संभव नहीं हो पाया है। पाकिस्तान की जनता अपने चुने हुए नेता को आजाद देखना चाहती है, लेकिन एक बेटे के तौर पर मुझे अपने पिता की सबसे ज्यादा चिंता है।

पाकिस्तान को नजरअंदाज नहीं करे दुनिया
कासिम ने पाकिस्तान की मौजूदा सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा- देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है, राजनीतिक विरोधियों को दबाया जा रहा है। लोगों से अपनी पसंद का नेता चुनने का अधिकार छीना जा रहा है। दुनिया से मेरी अपील की कि वह पाकिस्तान की स्थिति को नजरअंदाज न करे। अन्याय पर चुप रहना भी अन्याय को बढ़ावा देना ही है।
इमरान की सेहत पर पहले भी सवाल उठे हैं
बता दें कि इमरान खान की सेहत को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं। फरवरी में उनके वकीलों और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने दावा किया था कि इलाज में देरी की वजह से उनकी दाहिनी आंख की करीब 85% रोशनी जा चुकी है। इसके बाद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड बनाकर जांच कराने का आदेश दिया था। वहीं पाकिस्तान सरकार लगातार कहती रही है कि इमरान खान को जेल में जरूरी मेडिकल सुविधाएं दी जा रही हैं। फरवरी में 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने भी पाकिस्तान सरकार को लेटर लिखकर इमरान खान से अच्छा सलूक करने की गुजारिश की थी।

