कॉमनवेल्थ गेम्स: 6 दिन में भारत को 12 मेडल: देखिए मेडल टैली; छठवें दिन गुलवीर और हरजिंदर ने दिलाया सिल्वर
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28 साल के गुलवीर सिंह 2018 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे। वे अभी नायब सूबेदार हैं।
स्पोर्ट्स डेस्क. ग्लास्गो में 23 जुलाई से जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 6 दिन में 12 मेडल जीते। इसमें 2 गोल्ड, 7 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं। छठवें दिन (28 जुलाई) दो मेडल जीते। इसमें एक एथलीट गुलवीर सिंह ने दिलाया। वे 10 हजार मीटर रेस में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय भी बने हैं।
हरजिंदर ने भी सिल्वर दिलाया
गुलवीर ने 27:49.78 मिनट में यह रेस पूरी कर सिल्वर मेडल जीता है। जबकि छठवें दिन का पहला मेडल हरजिंदर कौर ने वेटलिफ्टिंग में दिलाया था। उन्होंने वुमन्स के 69 किग्रा वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता।
हरजिंदर ने टोटल 227 किग्रा वजन उठाया। इस दौरान उन्होंने स्नैच में 101kg और क्लीन एंड जर्क में 126kg वजन उठाया था।
देखिए किसने किस इवेंट में मेडल जीते...
गोल्ड मेडल
मीराबाई चानू – वेटलिफ्टिंग (वुमन्स 48 kg)
शर्मिला धनखड़ – पैरा एथलेटिक्स (वुमन्स शॉट पुट F57)
सिल्वर मेडल
ऋषिकांत सिंह – वेटलिफ्टिंग (मेन्स 60 kg)
मुथुपंडी राजा – वेटलिफ्टिंग (मेन्स 65 kg)
ज्ञानेश्वरी यादव – वेटलिफ्टिंग (वुमन्स 53 kg)
सर्वेश कुशारे - एथलेटिक्स (मेन्स हाई जम्प)
अजय बाबू – वेटलिफ्टिंग (मेन्स 79 kg)
हरजिंदर कौर– वेटलिफ्टिंग (वुमन्स 69 kg)
गुलवीर सिंह – एथलेटिक्स (मेन्स 10,000 मीटर)
ब्रॉन्ज मेडल
झंडू कुमार – पैरा पावरलिफ्टिंग (मेन्स हैवीवेट)
बिंदिया रानी देवी – वेटलिफ्टिंग (वुमन्स 58 kg)
शिल्पा शाइला – पैरा एथलेटिक्स (वुमन्स शॉट पुट F57)
शर्मिला ने देश को दूसरा गोल्ड दिलाया
इस कॉमनवेल्थ में देश को दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने दिलाया। उन्होंने वुमन्स की शॉट पुट F57 में 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो किया। इसके साथ ही भारत का पैरा एथलेटिक्स में 20 साल का मेडल इंतजार भी खत्म हो गया।

पोलियो से लड़कर चैंपियन
शर्मिला धनखड़ जब 2 साल की थीं, तब उनके बाएं पैर में पोलियो हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।
- 2022 बर्मिंघम CWG: वह चौथे स्थान पर रहकर मेडल से चूक गई थीं।
- फज्जा इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स: इसी साल उन्होंने गोल्ड मेडल जीता।
- 2026 ग्लास्गो CWG: 9.81 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
शिल्पा को प्रोटेस्ट के बाद ब्रॉन्ज
शिल्पा शायला ने 7.26 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो किया था। शुरुआत में वह चौथे नंबर पर थीं, लेकिन भारतीय टीम के प्रोटेस्ट के बाद ऑफिशियल रिव्यू हुआ। रिव्यू में नाइजीरिया की यूकारिया इयाजी का अकेला थ्रो फाउल करार दिया गया। इसके बाद शिल्पा को चौथे नंबर से अपग्रेड कर ब्रॉन्ज मेडल दे दिया गया। हालांकि, नाइजीरिया इस फैसले के खिलाफ काउंटर प्रोटेस्ट कर सकता है।

