बैडमिंटन चैम्पियनशिप में लंगूर के मिमिक्री आर्टिस्ट: इंडिया ओपन से सबक; दिल्ली के स्टेडियम में पक्षियों को भगाने के लिए भी नया प्लान, VIDEO
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इंडिया ओपन 2026 इसी साल जनवरी में नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम और केडी जाधव इंडोर हॉल में हुआ था। (फोटो- ANI)
स्पोर्ट्स डेस्क. दिल्ली में इसी महीने होने वाली BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप (BWF World Championships 2026) के लिए लंगूरों की आवाज निकालने वाले मिमिक्री आर्टिस्ट को नौकरी पर रखा गया है। साथ ही बंदरों को अंदर आने से रोकने के लिए अपने-आप बंद होने वाले डबल दरवाजों का इस्तेमाल किया जाएगा।
पक्षियों को स्टेडियम से दूर रखने के लिए कई अमेरिकी मशीनें भी लगाई गई हैं। कबूतरों को दूर रखने के लिए जहर वाला चिकना जेल भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सबकुछ इंडिया ओपन से सबक लेते हुए किया जा रहा है।
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7 दिन चलेगी बैडमिंटन चैम्पियनशिप
दरअसल, बैडमिंटन चैम्पियनशिप इसी महीने 17 से 23 अगस्त तक खेली जाएगी। यह चैम्पियनशिप नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होगी। इसके लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने इंडिया ओपन से सबक लेते हुए बंदरों और पक्षियों को भगाने के लिए कई उपाय किए हैं।
इंडिया ओपन में कई विदेशी और भारतीय एथलीट्स ने स्टेडियम में पक्षियों के घोसले गिरने और बंदरों के घुसने की शिकायतें की थीं। खिलाड़ी इनसे काफी परेशान दिखे थे। ऐसे में अब स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने बंदर और पक्षियों को भगाने के लिए कई प्लान तैयार किए हैं।

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इंडिया ओपन में क्या हुआ था
- यह टूर्नामेंट इसी साल जनवरी 2026 में इसी स्टेडियम और केडी जाधव इंडोर हॉल (KD Jadhav Indoor Hall) में हुआ था।
- तब कोर्ट नंबर-1 पर छत से पक्षियों की बीट गिरने लगी थी। भारतीय शटलर एचएस प्रणय और सिंगापुर के लो की यू के बीच का मैच दो बार रोकना पड़ा था। प्रैक्टिस कोर्ट के आसपास भी पक्षियों की गंदगी दिखी थी।
- स्टैंड्स के बीच एक बंदर अचानक आया और करीब 10-15 मिनट वहीं रहा था। केडी जाधव इंडोर हॉल में भी बंदरों के घूमने के वीडियो वायरल हुआ था। इस पूरे मामले में इंटरनेशनल प्लेयर्स ने इसे अनहाइजीन और अनप्रोफेशनल बताया था।
बंदर भगाने के लिए 4 लोगों को काम पर रखा
स्टेडियम में 3 मंजिल हैं और हर फ्लोर पर 1-1 दरवाजा है। SAI के रीजनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंबर प्रताप सिंह ने कहा- कोई भी दरवाजा खुला रहने पर यह पक्का करना मुश्किल होता था कि कोई बंदर अंदर न आ जाए। ऐसे में ऑटोमैटिक डबल गेट इसका पहला उपाय है। दूसरा बंदर भगाने वाले लोग हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, यही वजह है कि जब्बार समेत 4 लोगों को काम पर रखा है। दिल्ली में लंबे समय से ट्रेंड लोग बंदरों को भगाने का काम कर रहे हैं, क्योंकि वाइल्डलाइफ कानून के तहत बंदरों को भगाने के लिए लंगूरों का इस्तेमाल करना मना है। बॉलीवुड फिल्म 'Eeb Allay Ooo!' भी इन्हीं लंगूर की मिमिक्री करने वाले आर्टिस्ट और बंदर भगाने वाले लोगों पर बनी थी।
हर महीने 25 हजार कमाते हैं
लंगूर की मिमिक्री करने वाले 4 लोगों में से एक जब्बार भी हैं। उन्होंने बताया कि वे इस पेशे से हर महीने करीब 25 हजार रुपए कमा लेते हैं। जब्बार ने कहा- यह हुनर उनके परिवार में पीढ़ियों से चला आ रहा है। मैंने यह अपने पिता से सीखा था, लेकिन मैं नहीं चाहता कि मेरा बेटा भी यही करे।

