पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पर बड़े फैसले: महाअष्टमी पर शराब बैन रहेगी; जानें पूरी गाइडलाइन
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सरकार इस बार सर्वश्रेष्ठ पूजा कमेटी को शारदा सम्मान भी देगी। जो कर्मचारी पूजा ड्यूटी पर रहेंगे उन्हें 2 दिन की अतिरिक्त छुट्टी मिलेगी। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार इस बार बड़े स्तर पर दुर्गा पूजा मनाने की तैयारी में हैं। दुर्गा पूजा को लेकर सरकार ने कई बड़े और सख्त फैसलों का ऐलान किया है। पूजा के दौरान DJ पर प्रतिबंध और नेशनल हाईवे पर पंडाल लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी। जो कर्मचारी पूजा ड्यूटी पर रहेंगे उन्हें 2 दिन की अतिरिक्त छुट्टी मिलेगी।
वहीं जरूरतमंद पूजा कमेटियों को आर्थिक मदद और बिजली और फायर लाइसेंस में छूट देने का भी फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कई सख्त निर्देश दिए हैं-
- दुर्गा पूजा की वजह से कोई भी नेशनल हाईवे ब्लॉक नहीं होंगे।
- कोलकाता के 14 रोड बंद नहीं किए जाएंगे।
- पूजा के दौरान DJ की अनुमति नहीं मिलेगी।
- महाअष्टमी पर शराब बैन रहेगी।
- 24 अक्टूबर तक सभी दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन करना होगा।

पूजा कमेटियों को 1 लाख मिलेंगे
ममता बनर्जी की TMC सरकार हर पूजा कमेटी को आर्थिक सहायता देती थी। सरकार ने इसे जारी रखा है। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा- जिन पूजा कमेटियों को आर्थिक मदद की जरुरत होगी, उन्हें 1 लाख की मदद दी जाएगी। इसके लिए उनकी अलग से जांच भी होगी। आर्थिक मदद के लिए कमेटियों को थाने में आवेदन करना होगा।
साथ ही अधिकारी ने कहा- सरकार इस बार किसी भी धार्मिक त्योहार पर आर्थिक मदद नहीं करेगी। CM ने सभी पूजा कमेटियों से गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा- बड़ी पूजा कमेटी सरकार से मदद न लें। मैं इसके लिए उन्हें अलग से धन्यवाद दूंगा। हालांकि कुछ जगहों पर पूजा कमेटियों को रियायते भी मिलेंगी। उन्हें बिजली और फायर लाइसेंस भी फ्री दिया जाएगा।

कार्निवाल की जगह महालया के दिन भव्य कार्यक्रम
इस बार दुर्गा उत्सव के बाद होने वाला कार्निवाल नहीं होगा। CM अधिकारी ने घोषणा करते हुए कहा- इसके स्थान पर महालया के दिन सरकार ईडन गार्डन्स में 4 घंटे का प्रोग्राम करेगी। महालया के दिन होने वाले कार्यक्रम में भव्य ड्रोन शो और आतिशबाजी की जाएगी। अधिकारी ने कहा- हम रोड शो भी करेंगे। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया जाएगा।
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पिछली सरकार की तुलना में इस बार दुर्गा उत्सव के अनुष्ठान में भी बदलाव किया गया है। CM ने कहा- महालया यानी देवपक्ष से पहले किसी को भी दुर्गा पंडाल की स्थापना की अनुमति नहीं मिलेगी। नेशनल हाईवे पर दुर्गा पंडाल नहीं लगाए जा सकेंगे। अधिकारी ने पिछली TMC सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- इस बार दुर्गा पंडाल के लिए हाईकोर्ट जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। मंजूरी लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध रहेगा।
DJ पर पूरी तरह प्रतिबंध
CM ने कहा- पूजा और विसर्जन के दौरान DJ पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। कोजागरी लक्ष्मी पूजा 25 अक्टूबर को है। इसलिए 24 अक्टूबर तक सभी दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन करना होगा। महा अष्टमी के दिन पूरे प्रदेश में शराब बंद रहेगी।
शारदा सम्मान भी देगी सरकार
सरकार सर्वश्रेष्ठ पूजा कमेटी को शारदा सम्मान भी देगी। मां दुर्गा के प्रति सभी की धार्मिक भावनाओं और आस्था का सम्मान किया जाएगा और जो कर्मचारी पूजा ड्यूटी पर रहेंगे उन्हें 2 दिन की अतिरिक्त छुट्टी मिलेगी।

1610 में हुई थी शुरुआत
अविभाजित बंगाल में 1576 में पहली बार दुर्गा पूजा की शुरुआत हुई थी। कोलकाता में पहली बार 1610 में दुर्गा पंडाल लगाया गया था। उस समय कोलकाता गांव था, तब इसका नाम कोलिकाता था। तब से अब तक बंगाल में दुर्गा पूजा बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। 2021 में बंगाल की दुर्गा पूजा को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल किया गया था।

