तमिलनाडु के मंदिरों में मोबाइल बैन: 1 सितंबर से लागू होगा नियम; VIP और नेताओं को भी नहीं मिलेगी अनुमति
Published:
2 min read

सरकार के मुताबिक, मंदिर के अंदर मोबाइल से फोटो खींचने, वीडियो बनाने और रील रिकॉर्ड करने की भी अनुमति नहीं होगी।
नेशनल डेस्क. तमिलनाडु में मंदिरों में अब श्रद्धालु मोबाइल फोन लेकर अंदर नहीं जा सकेंगे। हिंदू रिलीजियस एंड चैरिटेबल एंडोवमेंट्स (HR&CE) डिपार्टमेंट ने मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला किया है। यह नियम 1 सितंबर 2026 से लागू होगा।
नए नियम के तहत मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं को अपना मोबाइल फोन काउंटर पर जमा करना होगा। मंदिर के अंदर मोबाइल से फोटो खींचने, वीडियो बनाने और रील रिकॉर्ड करने की भी अनुमति नहीं होगी। खास तौर पर देवी-देवताओं, गर्भगृह और मंदिर के सेंसटिव हिस्सों की फोटो और वीडियो बनाने पर रोक रहेगी।
VIP-नेताओं की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं होगी
मंदिर परिसर में VIP, सार्वजनिक हस्तियों और फिल्म एक्टर को भी फोटो और वीडियो बनाने की अनुमति भी नहीं मिलेगी। डिपार्टमेंट का कहना है कि मंदिर पूजा और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए हैं, न कि फोटो-वीडियो और सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने के लिए।
आखिर क्यों लिया गया फैसला
अधिकारियों के मुताबिक, मंदिरों में मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल से कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। श्रद्धालु सेल्फी लेने, वीडियो बनाने और रील शूट करने में व्यस्त रहते हैं, जिससे भीड़, अव्यवस्था और पूजा में बाधा जैसी स्थिति बन रही है। इससे पहले भी मोबाइल इस्तेमाल को लेकर निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन उनका पूरी तरह पालन नहीं हो रहा था। अब इन नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी है।
सरकार के मुताबिक, मोबाइल पर रोक लगाने का मुख्य उद्देश्य मंदिरों की पवित्रता और पारंपरिक वातावरण बनाए रखना है। इससे श्रद्धालु बिना किसी अवरोध के पूजा और दर्शन पर ध्यान दे सकेंगे।
काउंटर पर जमा होंगे फोन
मोबाइल जमा कराने के लिए मंदिर प्रशासन को सुरक्षित स्टोरेज और सुविधाजनक काउंटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को फोन जमा करने और वापस लेने में परेशानी न हो।

