तमिलनाडु में मिड-डे मील में मिलेगी चिकन बिरयानी: चावल की क्वालिटी भी सुधरेगी
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टीचर एसोसिएशन ने कहा- दोपहर के भोजन स्कीम को 12वीं क्लास तक बच्चों को बढाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। (AI इमेज)
नेशनल डेस्क. तमिलनाडु में मिड मील में हफ्ते में एक बार चिकन बिरयानी परोसी जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने कहा- प्रस्ताव पहले ही मुख्यमंत्री के सामने रखा जा चुका है और उस पर विचार किया जा रहा है।
5 अगस्त को बजट पेश होने से पहले मंगलवार को मंत्री ने बैठक की। इसमें 80 से अधिक शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने कई मांगें रखीं। उनकी तरफ से ही ऐसा सुझाव आया है।
सरकार प्रस्ताव पर कर रही विचार
TNIE की रिपोर्ट के मुताबिक, मिड डे मील में बिरयानी शुरू करने का कोई भी फैसला सोशल वेलफेयर एडं वुमन एम्पावरमेंट के अंतर्गत लिया जाएगा। सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार कर सकती है।
टीचर एसोशिएशन ने कहा- हमने सरकार से मिड-डे मील स्कीम के तहत दिए जाने वाले चावल की क्वालिटी बेहतर करने और हफ्ते में एक बार चिकन बिरयानी शुरू करने की मांग की। हमने सरकार से यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री नाश्ता योजना को लागू करने की जिम्मेदारी मिड-डे मील वर्कर्स को सौंपी जाए और उनकी सर्विस को रेगुलर किया जाए। इस पर राजमोहन ने कहा- इस पर पहले से ही विचार किया जा रहा है।
मिड डे मील स्कीम को 12वीं बढाने की मांग
बिरयानी के प्रस्ताव के अलावा, एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री नाश्ता योजना और दोपहर के भोजन की योजना को 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए बढ़ाने की मांग की। मुख्यमंत्री नाश्ता योजना में पहली क्लास 1 से 8 तक के बच्चे शामिल हैं। इस योजना का लाभ 32 लाख बच्चे ले रहे हैं। दोपहर के भोजन स्कीम में 10वीं क्लास तक के छात्र शामिल हैं, इसका लाभ 40 लाख से अधिक छात्र ले रहे हैं। टीचर एसोसिएशन ने कहा- दोपहर के भोजन स्कीम को 12वीं क्लास तक बच्चों को बढाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके दायरे में 8 लाख छात्र आएंगे।

