ताहिर हुसैन एक और केस में दोषी करार: दयालपुर में दंगे भड़काने का आरोप साबित हुआ, अंकित शर्मा मर्डर केस में भी हो चुकी है उम्रकैद; 2020 के दिल्ली दंगे से जुड़े हैं मामले
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दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में शनिवार (10 अक्टूबर) को फैसला सुनाया।
नेशनल डेस्क। 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक और मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया गया है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शनिवार (10 अक्टूबर) को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में उन्हें दंगा भड़काने में मदद करने का दोषी माना। एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने यह फैसला सुनाया।
क्या है मामला
यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में 2020 के दंगों के दौरान आग लगाने के मामले से जुड़ा है। इस मामले में इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 147, 148 और 149 के तहत दंगा करने, धारा 427 के तहत संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, धारा 436 के तहत आग लगाने और धारा 120B के तहत आपराधिक साजिश के आरोपों में FIR दर्ज की गई थी।
कोर्ट ने ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने में मदद करने का दोषी माना। हालांकि, इस मामले में बाकी 12 आरोपियों को बरी कर दिया गया।
अंकित शर्मा हत्याकांड में पहले ही मिल चुकी है उम्रकैद
ताहिर हुसैन को इससे पहले IB अफसर अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान हुई थी। इस मामले में कोर्ट ने ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
सजा पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील मधुकर पांडेय ने अंकित शर्मा की हत्या को बेहद गंभीर बताते हुए आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। आरोप था कि अंकित शर्मा को अगवा करने के बाद बेरहमी से पीटा गया था। सरकारी वकील मधुकर पांडेय ने कोर्ट में कहा था कि अंकित शर्मा के शरीर पर चोट के कुल 51 निशान मिले थे। इनमें से 18 चोटें धारदार हथियारों से पहुंचाई गई थीं।
पांडेय ने दलील दी थी कि यह ऐसा मामला नहीं था, जिसमें किसी को एक-दो बार चाकू मारा गया हो। उनके मुताबिक, अंकित शर्मा पर लगातार हमला किया गया और आरोपियों ने उनकी मौत के बाद भी हमला करना जारी रखा। अंकित शर्मा हत्याकांड में सजा सुनाते वक्त कोर्ट ने माना था कि अपराध बेहद गंभीर था।
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