कौन हैं ध्रुव राठी: भारत में जन्मे, जर्मन महिला से शादी की, अब नागरिकता पर सवाल; मैकेनिकल इंजीनियर से कैसे बन गए फेमस यूट्यूबर
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ध्रुव राठी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के प्रोटेस्ट में शामिल होने भारत आए हुए हैं। (फाइल)
नेशनल डेस्क। फेमस यूट्यूबर ध्रुव राठी इन दिनों भारत में हैं। वह CJP के प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए भारत आए हुए हैं। 8 अक्टूबर को वह बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में हुए प्रोटेस्ट का हिस्सा बने और आज यानी 10 अक्टूबर को उन्हें जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन में आना था। हालांकि इससे पहले ही दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रह CJP के हालिया विरोध प्रदर्शन में ध्रुव राठी आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वह अपने वीडियोज में मोदी सरकार की आलोचना करते रहे हैं और अब लंबे अरसे बाद भारत आए हैं।
दरअसल, ध्रुव जर्मनी में रहते हैं। वह पैदा भारत में हुए। ग्रेजुएशन तक भारत में ही पढ़े लेकिन हायर एजुकेशन के लिए जर्मनी का रुख किया और फिर वहीं बस गए। यूट्यूब पर ध्रुव के 3.3 करोड़ फॉलोअर्स है। इसी तरह सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर भी उनके फॉलोअर्स लाखों में हैं।
राठी अपने वीडियो में राजनीति, इतिहास, सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों को आसान भाषा में समझाने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यूट्यूब पर अपनी पहचान बनाने से पहले ध्रुव राठी क्या थे और क्या करते थे? इस आर्टिकल में उन्हीं के सफर की छोटी सी कहानी...

मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई, फिर जर्मनी का रुख
ध्रुव हरियाणा के रोहतक में पैदा हुए। स्कूल तक पढ़ाई भी यहीं की। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए जर्मनी चले गए। उनकी ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, उन्होंने जर्मनी के कार्ल्सरूहे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KIT) से रिन्यूएबल एनर्जी में मास्टर डिग्री हासिल की।
ध्रुव की पढ़ाई सिर्फ इंजीनियरिंग और एनर्जी तक सीमित नहीं रही। उनकी ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, उन्होंने इकोनॉमिक्स और पॉलिटिकल साइंस में भी बैचलर डिग्री ली। इस तरह उनकी पढ़ाई में तकनीक के साथ अर्थव्यवस्था और राजनीति जैसे सब्जेक्ट शामिल रहे।
2014 में शुरू किया यूट्यूब चैनल, पहले बनाते थे ट्रैवल वीडियो
आज राठी को पॉलिटिकल और सोशल टॉपिक पर वीडियो बनाने के लिए जाना जाता है, लेकिन उनके यूट्यूब सफर की शुरुआत ट्रैवल वीडियो से हुई थी। ध्रुव राठी ने 2014 में जर्मनी में पढ़ाई के दौरान यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करना शुरू किया था।
एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि अपना पहला ट्रैवल ब्लॉग एडिट करने में उन्हें दो महीने से ज्यादा वक्त लगा था। उन्होंने यह वीडियो iPhone 5s से शूट किया था।
शुरुआत में उनका फोकस घूमने-फिरने और ट्रैवल से जुड़े वीडियो पर था। हालांकि, बाद में उनके कंटेंट का सब्जेक्ट बदलने लगा और उन्होंने राजनीति, इतिहास, सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

2016 में पहली बार पॉलिटिकल मुद्दे पर बनाया वीडियो
ध्रुव राठी ने 16 सितंबर 2016 को अपना पहला पॉलिटिकल कमेंट्री वीडियो अपलोड किया। यह उनके यूट्यूब कॅरियर का एक अहम मोड़ था। इसके बाद उनका फोकस राजनीतिक उठापटक और सामाजिक मुद्दों को समझाने पर ही बन गया।
शुरुआत में वह अपने वीडियो की रिसर्च करने से लेकर स्क्रिप्ट लिखने और एडिटिंग तक का काम खुद संभालते थे। साल 2020 तक उन्होंने काफी हद तक अकेले काम किया। इसके बाद अपने बढ़ते चैनल को संभालने के लिए उन्होंने एक टीम बनानी शुरू की।
हिंदी वीडियो से बनाई अलग पहचान
ध्रुव राठी के वीडियो में राजनीति, इतिहास, सरकारी नीतियों और देश-दुनिया की घटनाओं जैसे कई विषय शामिल होते हैं। वह मुश्किल टॉपिक को आसान भाषा में समझाने और वायरल दावों की पड़ताल करने में माहिर हैं।
साल 2023 में TIME मैगजीन ने उन्हें अपनी 'नेक्स्ट जनरेशन लीडर्स' सूची में शामिल किया था। मैगजीन ने हिंदी में उनके उन वीडियो के काम को पहचान दी, जिनमें वह चर्चा में रहने वाले मुद्दों और दावों की फैक्ट-चेकिंग करते हैं।

नागरिकता पर सस्पेंस
ध्रुव राठी लंबे अरसे से जर्मनी में रह रहे हैं। उन्होंने नवंबर 2021 में एक जर्मन महिला से शादी की। 2024 में वह पिता भी बने। जर्मनी में दोहरी नागरिकता का सिस्टम है। यानी किसी जर्मन नागरिक से शादी करने पर उस शख्स को जर्मनी की नागरिकता मिलती है। हालांकि इसे लेना न लेना उस शख्स पर निर्भर करता है। दावे हैं कि ध्रुव राठी को भी जर्मनी की नागरिकता मिली हुई है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वह अब भारत के नागरिक नहीं हैं? क्योंकि भारत दोहरी नागरिकता का सिस्टम नहीं रखता। यानी अगर किसी को दूसरे देश की नागरिकता मिलती है तो भारतीय नागरिकता अपने आप खत्म हो जाती है। यही कारण है कि अक्सर ध्रुव राठी की नागरिकता को लेकर सवाल उठते रहते हैं।
हाल ही में उनके भारत आने और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रोटेस्ट में शामिल होने पर कर्नाटक के पूर्व IPS अफसर और BJP लीडर भास्कर राव ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को लेटर लिखकर राठी की नागरिकता, वीजा और इमिग्रेशन स्टेटस की जांच करने की मांग भी की है।
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