स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की रिमांड पर भेजा: दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
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स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी से गिरफ्तार किया था।
नेशनल डेस्क. दिल्ली की कोर्ट ने CJP प्रोटेस्ट के दौरान जंतर-मंतर पर स्टूडेंट एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। भारद्वाज को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी से गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने 1 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया था।
उधर, भारद्वाज की ओर से अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (हेबियस कॉर्पस) दायर की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। दरअसल, भारद्वाज की ओर से कोर्ट में कहा गया था कि उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था, जबकि वह पिछले तीन दिन से हिरासत में है। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका किसी व्यक्ति को कोर्ट के सामने पेश करने की मांग को लेकर दायर की जाती है।
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क्या है मामला
स्वतंत्र भारद्वाज का सोशल मीडिया पर हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उसने दावा किया था कि NEET प्रोटेस्ट के दौरान उसने निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था, इसके बावजूद उसे जेल नहीं जाना पड़ा था। इसी पॉडकास्ट में उसने चिराग पासवान और कपिल मिश्रा समेत कई नेताओं को बड़ा भाई बताया था।
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UP से हिरासत में लिया गया भारद्वाज
इस वीडियो के बाद राहुल गांधी, चंद्रशेखर आजाद समेत तमाम नेताओं ने भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की थी। CJP के कार्यकर्ताओं ने भारद्वाज पर एक्शन की मांग को लेकर पुलिस स्टेशन में धरना भी दिया था। इसके बाद पुलिस ने भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। भारद्वाज को शुक्रवार शाम को यूपी से हिरासत में भी लिया गया था।
भारद्वाज पर इन धाराओं में मामला दर्ज
भारद्वाज पर मारपीट, SC-ST एक्ट, POCSO के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले CJP प्रोटेस्ट के दौरान उस पर BNS की धारा 115(2) (साधारण चोट पहुंचाना) और 126(2) (गलत तरीके से रोकना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

