सत्या निकेतन हादसे पर CJP के सवाल: बिल्डिंग अनसेफ थी तो खाली क्यों नहीं कराया, कंस्ट्रक्शन जारी कैसे रहा; सौरव दास बोले- युवा कॉकरोच की तरह जीने को मजबूर
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दिल्ली में सत्या निकेतन बिल्डिंग गिरने के मुद्दे पर CJP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य और केन्द्र सरकार पर निशाना साधा। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। दिल्ली के सत्या निकेतन में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने के बाद अब वहां चल रहे PG को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चीफ प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली सरकार और MCD पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसी बिल्डिंग को पहले ही अनसेफ बताया गया था, तो वहां PG कैसे चलता रहा और कंस्ट्रक्शन का काम कैसे जारी रहा?
सौरव दास ने सवाल उठाया कि क्या PG माफिया और उसका नेक्सस राजनीतिक संरक्षण के बिना चल सकता है? उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के साथ-साथ प्रॉपर्टी मालिक के पॉलिटिकल लीडर्स से संबंधों की भी जांच करने की मांग की।
‘बिल्डिंग को खाली क्यों नहीं कराया गया’
सौरव दास ने कहा कि CJP की टीम हादसे के बाद से ही सत्या निकेतन में मौजूद है और अपनी कैपिसिटी के मुताबिक लोगों की मदद कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इलाके में कई PG चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, MCD ने बिल्डिंग को असुरक्षित बताते हुए नोटिस लगाया था। इसके बावजूद न तो उस बिल्डिंग को खाली कराया गया और न ही नया कंस्ट्रक्शन होने से रोका गया।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में वहां बच्चों के रहने के बावजूद PG का चलते रहना कई सवाल खड़े करता है। अब यह पता लगाने की जरूरत है कि इस पूरे सिस्टम के पीछे कौन लोग हैं।

'युवाओं को कॉकरोच की तरह जीने पर मजबूर किया'
CJP प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले तंज पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोगों ने युवाओं को कॉकरोच की तरह जीने पर छोड़ दिया है और यही वजह है कि आज युवा सवाल पूछ रहे हैं।
दास ने कहा कि जब युवा अपने सवालों के जवाब मांगते हैं तो उन्हें कभी ‘नाराज फूफा’ तो कभी ‘दिमागी नक्सल’ कहा जाता है। उन्होंने पूछा कि अगर सरकार से सवाल नहीं करेंगे तो आखिर युवा किससे जवाब मांगेंगे?
उपराज्यपाल ने हाईलेवल मीटिंग बुलाई
सत्या निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को हाईलेवल रिव्यू मीटिंग की। इसमें दिल्ली की CM रेखा गुप्ता, अर्बन डेवलपमेंट मंत्री आशीष सूद, चीफ सेक्रेटरी, एनडीआरएफ डीजी, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और दूसरे बड़े अधिकारी शामिल हुए।
LG ने सभी अनसेफ बिल्डिंग के खिलाफ एक्शन और सरकारी विभागों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। उन्होंने अर्बन डेवलपमेंट मंत्री को संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर PG के मौजूदा नियमों की समीक्षा करने वाली कमेटी बनाने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही यूनिवर्सिटी, MCD और DDA के जरिए स्टूडेंट्स के लिए दूसरे रहने के ऑप्शन खोजने और खाली पड़े DDA मकानों को स्टूडेंट्स के रहने के लिए इस्तेमाल करने की पॉसिबिलिटी पर भी सोचने को कहा।
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