राम मंदिर ट्रस्ट के CEO बनने के लिए 18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट: 5300 से ज्यादा ने अप्लाई किया था; कैसे हुई छंटनी और आगे क्या है सिलेक्शन की कसौटी
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जून के पहले हफ्ते में राम मंदिर में दान चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट में CEO की जरूरत महसूस हुई थी।
नेशनल डेस्क। अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की कुर्सी के लिए सिलेक्शन प्रोसेस अब आखिरी स्टेज में पहुंच गई है। इस पद के लिए 5300 से ज्यादा लोगों ने अप्लाई किया था। इनमें से स्क्रीनिंग के बाद सिर्फ 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है।
इन उम्मीदवारों का इंटरव्यू मंगलवार और बुधवार को राम मंदिर परिसर में होगा। रिपोर्ट्स हैं कि इस पद के लिए ऐसे उम्मीदवार को प्राथमिकता मिलेगी, जिसे प्रशासन और बड़े संस्थानों को संभालने का अनुभव हो।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CEO पद के लिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू तीन सदस्यों की टीम लेगी। इसमें पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन सुरेश हावरे शामिल हैं।
CEO बनने के लिए क्या हैं शर्तें?
रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से लिखा या है कि ट्रस्ट ने इस पद के लिए कुछ खास शर्तें तय की हैं। इनके मुताबिक, उम्मीदवार का हिंदू धर्म को मानने वाला और हिंदू परंपराओं व नियमों का पालन करने वाला होना जरूरी है। शुद्ध शाकाहारी होना और शराबी न होना भी इसके पैमाने हैं। उम्र 50 से 70 साल तय की गई है। इसी आधार पर अब तक छंटनी हुई है और आगे भी सिलेक्शन की यही कसौटी रहेगी।

राम मंदिर ट्रस्ट को CEO की जरूरत क्यों पड़ी?
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO नियुक्त करने का फैसला ऐसे वक्त में लिया गया, जब जून के पहले हफ्ते में मंदिर के दान की रकम में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। दान काउंटिंग से लेकर मंदिर के मैनजमेंट में हुई अनियमितताओं को दूर करने के लिए यह फैसला लिया गया। ट्रस्ट को उम्मीद है कि CEO की नियुक्ति से मंदिर के प्रशासन और आर्थिक मामलों को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सकेगा।
जांच में कैश, सोना-चांदी और विदेशी करेंसी मिली
राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT बनाई थी। SIT की शुरुआती रिपोर्ट में ही दान चोरी की पुष्टि हुई है। इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों के पास से कैश बरामद किया। इनमें सबसे बड़ी बरामदगी अविनाश शुक्ला के पास से (20.39 लाख रुपए) होने का दावा है। इसके अलावा पुलिस ने अलग-अलग जगह आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी के जरिए सोना, चांदी और विदेशी करेंसी बरामद की है।
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