मानहानि केस में राहुल गांधी की याचिका खारिज: बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही माना; अब कोर्ट में पेश होना होगा
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BJP नेता महेश श्रीश्रीमाल के मुताबिक, 20 अगस्त 2018 को राहुल गांधी ने जयपुर में PM मोदी के खिलाफ अपमानजनक बयान दिया था। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को PM मोदी से जुड़े मानहानि केस में राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी है। राहुल गांधी ने 2019 में गिरगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट के समन चुनौती दी थी।
जस्टिस NR बोरकर की बेंच ने लोअर कोर्ट के आर्डर को सही माना है। कोर्ट ने माना कि मजिस्ट्रेट का फैसला गलत और गैरकानूनी नहीं है। अब राहुल गांधी के खिलाफ अपराधिक मानहानि का केस गिरगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट में चलेगा। जहां राहुल गांधी को व्यक्तिगत रुप से पेश होना होगा।
2019 में जारी हुआ था समन
गिरगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 2019 में राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया था। लोअर कोर्ट ने शुरुआती तौर पर IPC के सेक्शन 500 के तहत अपराधिक मानहानि माना था। राहुल गांधी सुनवाई को रद्द करवाने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे। नबंवर 2021 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को अंतरिम राहत दी थी। हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट को सुनवाई रोकने का आदेश दिया था। साथ ही अंतिम फैसला नहीं होने तक व्यक्तिगत रुप से पेश नहीं होने की भी छूट दी थी।
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BJP नेता ने 2018 में दर्ज कराई थी शिकायत
BJP नेता महेश श्रीश्रीमाल ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। BJP नेता के मुताबिक, 20 अगस्त 2018 को राहुल गांधी ने राजस्थान के जयपुर में PM मोदी के खिलाफ अपमानजनक बयान दिया था। यह स्पीच नेशनल TV पर दिखाई गई। श्रीश्रीमाल का आरोप है कि राहुल गांधी ने PM मोदी को निशाना बनाते हुए कहा था- चौकीदार चोर है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी का बयान आपत्तिजनक था, इससे PM के साथ साथ BJP कार्यकर्ताओं की इमेज खराब हुई।

