पंजाब में BJP-SAD के लिए गठबंधन फायदेमंद: हरसिमरत कौर के बयान के बाद चर्चाएं तेज; PM मोदी से भी मिले थे सुखबीर बादल
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2020 में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में किसानों का आंदोलन तेज हुआ। इसके बाद अकाली दल NDA अलग हो गया था। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. पश्चिम बंगाल में जीत के बाद अब BJP का पंजाब पर फोकस है। अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं, BJP और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है। SAD सांसद हरसिमरत कौर बादल ने एग्रीमेंट का जिक्र किया, उनका मानना है कि दिल्ली (मोदी सरकार) से पंजाब में डेवलपमेंट हो सकता है।
उनका ये बयान SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कुछ दिनों बाद आया है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पार्टियों के बीच बातचीत का एक दौर पहले ही हो चुका है और जल्द ही दूसरे फेज की उम्मीद है। इसमें सीट शेयरिंग पर चर्चा हो सकती है।
दोनों पार्टियों का लंबा इतिहास
SAD नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने कहा- दोनों पार्टियों के साथ मिलकर काम करने का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने कहा-अटल बिहारी वाजपेयी और प्रकाश सिंह बादल द्वारा बनाया गया गठबंधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान भी जारी रहा, लेकिन बाद में कृषि कानूनों को लेकर दोनों पार्टियां अलग हो गईं।
मजीठिया ने कहा- पंजाब बॉर्डर स्टेट होने और सोशल होर्मॉनी, लॉ एंड ऑर्डर, डेवलपमेंट और एम्पलॉयमेंट से जुड़ी समस्याओं के कारण अब लोग चाहते हैं कि BJP और SAD फिर से एक साथ आ जाएं। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला दोनों पार्टियों की लीडरशिप नेतृत्व करेगा।
वोट शेयर दोनों पार्टियां के लिए फायदेमंद
BJP का मानना है कि गठबंधन से दोनों पार्टियों को फायदा हो सकता है और पंजाब में चुनावी मुकाबले में उनकी जीत की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं।

BJP नेताओं का मानना है कि कुछ और वोट मिलने से यह गठबंधन सत्ताधारी AAP को कड़ी टक्कर दे सकता है, क्योंकि उनके अनुसार पार्टी को एंटी-इनकंबेंसी का सामना करना पड़ रहा है।
38 विधानसभा सीटों पर BJP आगे रही
लोकसभा चुनाव 2024 में BJP 23 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही, जबकि SAD 9 क्षेत्रों में आगे रही। BJP लगभग 17 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे स्थान पर रही और SAD 14 क्षेत्रों में दूसरे नंबर पर रही। BJP पांच सीटें 5,000 से कम वोटों के अंतर से और 10 सीटें 10,000 से कम वोटों के अंतर से हार गई।
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BJP का लोकसभा वोट शेयर उसके विधानसभा वोट शेयर का लगभग 3 गुना था। अगर गठबंधन तय हो जाता है, तो उम्मीद है कि BJP पहले के मुकाबले ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग करेगी। BJP का मानना है कि इससे पता चलता है कि 38 विधानसभा सीटों पर उसकी स्थिति मजबूत है।

