5 साल में PM मोदी की फॉरेन विजिट पर ₹550 करोड़ खर्च: इस दौरान ₹36.30 लाख करोड़ FDI भी आया; 316 MoU साइन
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विदेश राज्य मंत्री ने राज्यसभा में बताया, सबसे ज्यादा खर्च 17.46 करोड़ रुपए मई में PM के 5 देशों के दौरे के दौरान नॉर्वे यात्रा पर हुआ। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फॉरेन विजिट में खर्च की जानकारी दी है। विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया, PM मोदी की फॉरेन विजिट पर 2026 में अब तक 74.58 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं, जबकि 2021 से उनकी फॉरेन विजिट पर कुल खर्च 550 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
इस दौरान अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच कुल 36.30 लाख करोड़ रुपए फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट (FDI) भी आया।
एक लिखित जवाब में मार्गेरिटा ने बताया, इस साल जिन दौरों के आंकड़े उपलब्ध हैं, उनमें सबसे ज्यादा खर्च मई में PM के 5 देशों के दौरे के दौरान नॉर्वे यात्रा पर हुआ, जो 17.46 करोड़ रुपए था।
2021 में सबसे कम 36 करोड़ रुपए खर्च हुए

विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि प्रधानमंत्री के उच्च-स्तरीय दौरे भारत के बाइलेटरल, रीजनल और ग्लोबल रिलेशन को मजबूत करने का एक स्थापित तरीका हैं। ये संबंध टेक्नोलॉजी, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट, डिफेंस, एनर्जी और मजबूत सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में होते हैं।
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कई क्षेत्रों में समझौते हुए
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जुलाई 2021 से PM मोदी के विदेश दौरों के दौरान 316 MoUs और समझौतों पर साइन हुए हैं। इनमें डिफेंस, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थकेयर, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, स्पेस कॉपरेशन, मोबिलिटी और माइग्रेशन, क्लाइमेट एक्शन और कल्चरल जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, इन समझौतों का मकसद भारत की बाइलेटरल पार्टनरशिप को मजबूत करना और एशिया, यूरोप, अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, ओशिनिया और अमेरिका के देशों के साथ सहयोग का बढ़ाना है।

