बिहार में स्कैमर्स को रेंट पर दिए बैंक खाते, 3 गिरफ्तार: हर ट्रांजेक्शन के बदले 3 से 5 हजार लिए; 25 करोड़ का लेनदेन किया
Published:
2 min read

पुलिस अब इन ट्रांजेक्शन के पीछे बड़े नेटवर्क का पता लगाने और धोखाधड़ी करने वाले गिरोह की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
नेशनल डेस्क. पटना पुलिस ने तीन लोगों को साइबर स्कैमर्स को अपने बैंक अकाउंट किराए पर देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन अकाउंट्स का इस्तेमाल कई धोखाधड़ी के मामलों से जुड़े पैसे के लेन-देन के लिए किया गया था।
आरोपियों के नाम प्रभाकर, अमित और दीपक हैं, ये लोग अपने अकाउंट्स से किए गए हर ट्रांजेक्शन के लिए 3,000 से 5,000 रुपये लेते थे। पुलिस के मुताबिक, इन अकाउंट्स के जरिए कुल मिलाकर लगभग 25 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था। आरोपियों में से दो रैपिडो बाइक-टैक्सी राइडर के तौर पर काम करते हैं, जबकि तीसरा साइबर फ्रॉड नेटवर्क को बैंक अकाउंट किराए पर देने के काम में करता था।
पुलिस ने बताया- आरोपी इन अकाउंट्स का इस्तेमाल एक अंतर-राज्यीय साइबर क्राइम सिंडिकेट ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े पैसे के लेन-देन के लिए कर रहे थे।
कई राज्यों के पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई
पटना में साइबर पुलिस स्टेशन की इंचार्ज DSP संगीता कुमारी ने बताया- कई राज्यों के पीड़ितों ने इन 3 लोगों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर साइबर क्राइम की शिकायतें दर्ज कराई हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को पटना और एक आरोपी के बक्सर से गिरफ्तार किया है।
यह खबर भी पढ़ें-
जबलपुर में सीबीआई अफसर बनकर बुजुर्ग दंपति को किया डिजिटल अरेस्ट: फर्जी नोटिस भेजा, FD तुड़वाई; मनी लॉन्ड्रिंग ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी, 22 लाख ठगे
MP की सबसे बड़ी साइबर ठगी : ग्वालियर के सीनियर CA से 21 करोड़ की ठगी; 218 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा; ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर लगाया चूना
पुलिस इस पूरे नेटवर्क का पता लगा रही
पुलिस अब इन ट्रांजेक्शन के पीछे के बड़े नेटवर्क का पता लगाने और उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी से हासिल पैसे को इधर-उधर करने के लिए किराए पर लिए गए खातों का इस्तेमाल किया था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कितने और लोगों ने संदिग्ध सिंडिकेट को अपने बैंक अकाउंट किराए पर दिए होंगे और कथित धोखाधड़ी में उनकी क्या भूमिका रही होगी।

