MP की सबसे बड़ी साइबर ठगी : ग्वालियर के सीनियर CA से 21 करोड़ की ठगी; 218 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा; ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर लगाया चूना
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साइबर ठगों ने 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये ठग लिए, फाइल फोटो।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने ग्वालियर चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव अधिकारी और 70 वर्षीय एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को निशाना बनाया। ठगों ने बुजुर्ग CA को 218 दिनों तक अपने झांसे में रखा और उनसे 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए ठग लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे जाल में फंसाया?
- पहली कॉल और लालच: ग्वालियर राज्य साइबर सेल पुलिस के मुताबिक, चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव अधिकारी और 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय ने उन्हें शिकायत कर बताया कि उनके पास 01 दिसंबर 2025 को व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से कॉल आया था।
- शुरुआती भरोसा: शुरुआत में ठगों ने पीड़ित से 1 लाख रुपये निवेश कराए और एक फर्जी ऑनलाइन एप्लिकेशन पर उन्हें 88 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया। इस 'फर्जी मुनाफे' को देखकर CA ठगों के झांसे में आ गए।
- 106 बार में ट्रांसफर की रकम: एक बार भरोसा जीतने के बाद ठगों ने पीड़ित से अलग-अलग बहानों से कुल 106 बार में 25 अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
- करोड़ों का फर्जी पोर्टफोलियो: ठगों ने पीड़ित को भ्रमित रखने के लिए स्क्रीन पर 33.25 करोड़ रुपए का एक फर्जी ऑनलाइन पोर्टफोलियो दिखाया, जिसमें उन्हें 12 करोड़ का शुद्ध मुनाफा होना दिख रहा था।
टैक्स के नाम पर और मांगे पैसे, तब खुला राज
जब चार्टर्ड अकाउंटेंट ने अपने मुनाफे की रकम को बैंक खाते में निकालने (Withdraw) की कोशिश की, तो ठगों ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने रकम जारी करने के एवज में टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर करोड़ों रुपये और मांगना शुरू कर दिए। लगातार रुपयों की मांग होने पर पीड़ित को शक हुआ। आखिरकार 7 जुलाई 2026 को उन्हें अहसास हुआ कि वे एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
जांच में जुटी साइबर सेल
राज्य साइबर सेल पुलिस के मुताबिक, पीड़ित की शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज कर लिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए 25 बैंक खातों में से सिर्फ 15 खातों में ही 10 करोड़ 84 लाख रुपए ट्रांसफर हुए हैं, जबकि बाकी की रकम अन्य खातों में भेजी गई है। पुलिस अब इन सभी संदिग्ध बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की डिटेल खंगालने में जुटी है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
संजीव नयन शर्मा, DSP, राज्य साइबर सेल, ग्वालियर

