Operation Sindoor पर बोले पूर्व CDS जनरल चौहान: PAK को सीजफायर के लिए इंतजार कराया; हमने हमले भी जारी रखे
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भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इन हमलों में सैकड़ों आतंकी मारे गए। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा- मेरे लिए सबसे बड़ा सरप्राइज 10 मई को तब हुआ, जब पाकिस्तान ने फोन किया और कहा- वे बात करना चाहते हैं। ऐसा इसलिए था क्योंकि 9 मई को उनकी तरफ से ऐसी बातें कही जा रही थीं कि वे 48 घंटों में भारत को सबक सिखा देंगे। लेकिन उन्हें हमारी ताकत का असर दिख गया था। लगभग 8 घंटे के अंदर ही उन्होंने फोन कर दिया।
द प्रिंट से बात करते हुए अनिल चौहान ने कहा- दुश्मन के मुकाबले युद्ध के मैदान की स्थिति के बारे में हमारी जानकारी ज्यादा साफ और बेहतर थी। यह हमारी वॉर की कैपेबिलिटी को दिखाती थी।
वॉर में तेजी से फैसले लेना जरूरी
जनरल चौहान ने कहा- हमें पता था कि हमारे हमलों का क्या रिजल्ट रहा और पाकिस्तान के हमलों का क्या असर हुआ। हम सभी एक ही तस्वीर देख रहे थे, इसलिए हम तेजी से फैसले ले पाए। वॉर में तेजी से फैसले लेना जरूरी होता है ताकि दुश्मन हमेशा मार खाने वाली स्थिति में रहे। और हम ऐसा करने में सफल रहे। पाकिस्तान का ऑपरेशन बनयान-उन-मरसूस 9 मई की रात करीब 1 बजे शुरू हुआ था।
भारत में काउंटर अटैक में वॉर के हालात बदल दिए
पूर्व CDS के मुताबिक, पाकिस्तान को लगता था कि वह अपनी सीमा के अंदर से हमले करके भारत के अंदर डीप-स्ट्राइक जैसा कुछ करेगा। हमने कई रडार तो नष्ट कर दिए थे, लेकिन उस समय तक एयरफील्ड्स पर हमला नहीं किया था। हालांकि, भारत ने काउंटर अटैक में वॉर के हालात बदल दिए। उन्होंने कहा- 10 मई की सुबह करीब 9 या साढ़े 9 बजे उन्होंने भारत के DGMO को कॉल किया, क्योंकि उन्हें हमारी ताकत का असर दिख गया था।

जनरल चौहान ने बताया- IAF ने 10 मई को तड़के सरगोधा और नूर खान समेत पाकिस्तान के अहम एयरबेस पर हमले किए, जिससे पाकिस्तान एयरफोर्स ऑपरेशन बुरी तरह प्रभावित हुए। उन्होंने आगे कहा, इनमें से कुछ एयरफील्ड पर आधी रात या सुबह 4-5 बजे के आसपास हमले किए गए। उन्होंने बताया कि एयरस्ट्रिप बेकार हो जाने के कारण उनके ऑपरेशन बंद हो गए।
जनरल चौहान ने कहा, पाकिस्तान को पता था कि अगर लड़ाई जारी रही, तो उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा। 10 मई की सुबह करीब 9 या 9:30 बजे उन्होंने भारत के DGMO को कॉल किया और हमने साढ़े 9 बजे उनकी सीजफायर की रिक्वेस्ट को क्यों नहीं माना और हमले दोपहर तक क्यों जारी रखे। क्योंकि हम चाहते थे कि जीत और भी निर्णायक हो।
उन्होंने कहा- इसलिए भारत ने हमलों का तीसरा दौर जारी रखा। हमने लगभग सुबह साढ़े 10 बजे और फिर करीब 1 बजे तक हमले किए। आखिर में दो एयरफील्ड भोलारी और जैकोबाबाद थे। इन्हें भी नेस्तानबूद कर दिया।
3 दिन में घुटनों पर आया था पाकिस्तान
दरअसल, पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इन हमलों में सैकड़ों आतंकी मारे गए। जैश सरगना मसूद अजहर का पूरा परिवार खत्म हो गया। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किया था। हालांकि, भारत के एयर डिफेंस मिसाइल ने इन सभी को नाकाम कर दिया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के एयरबेस को निशाना बनाया। इसके बाद पाकिस्तान ने सीजफायर के लिए गुहार लगाई थी।

