ओमप्रकाश राजभर ने खुद को देश का सबसे बड़ा गुंडा बताया: बोले- मुख्तार अंसारी, धनंजय और बृजेश सिंह मेरी दरबारी करते थे; लोगों से कहा- डरने की जरूरत नहीं
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ओमप्रकाश राजभर सोमवार को बांदा में थे। वे यहां एक लोकल पार्टी के इवेंट में हिस्सा लेने आए थे।
नेशनल डेस्क। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने खुद को देश का सबसे बड़ा गुंडा बताया है। उन्होंने यह तक कहा कि मुख्तार अंसारी और धनंजय सिंह जैसे गुंडे भी उनके दरबार में आते थे।
राजभर ने यह बातें बांदा में एक रैली के दौरान कही। वह बबेरू इलाके में 'भागीदारी पार्टी' की तरफ से आयोजित जन अधिकार महारैली में आए थे। यानी वह अपनी पार्टी नहीं बल्कि एक स्थानीय पार्टी के इवेंट में शरीक हुए। उन्हें इसमें बतौर मुख्य अतिथि इनवाइट किया गया था।
यहां राजभर ने कहां कि वह अपना झंडा-अपनी पार्टी वाले सिद्धांत पर चलते हैं और स्थानीय जरूरत के हिसाब से लोगों की अपनी-अपनी पार्टी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा- अगर कोई पार्टी तुम लोगों को उनका झंडा उठाने को कहे तो तुम अपनी पार्टी का झंडा उन्हें दे देना और बोलना कि आपका झंडा बहुत उठा लिया, अब आप हमारा झंडा उठाओ।
लोकल पार्टी की जरुरत की बातों पर जोर देते हुए ही वह खुद को बहुत बड़ा गुंडा बता गए।
क्या बोल गए राजभर?
राजभर ने कहा- आज पहली बार आपके बांदा में आया हूं। मैं सुनता आया हूं कि यहां बहुत बड़े गुंडे रहते हैं। लेकिन मुझे ये बताओ कि आपने हमसे बड़ा गुंडा देखा है क्या?
उन्होंने कहा- जिस ओमप्रकाश राजभर के यहां मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह, धनंजय सिंह जैसे लोग दरबारी करते हो, उससे बड़ा गुंडा देश में कोई नहीं हो सकता।
राजभर आगे कहते हैं- आप घबराओ मत। डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोई आपको आंख दिखाने की कोशिश करेगा तो यह ओमप्रकाश राजभर उसकी दूसरी आंख निकालने की औकात रखता है।
राजभर ने क्यों कही यह बात?
राजभर ने यह बातें समाजवादी पार्टी के नेताओं को लेकर कही। उनका आरोप है कि सपा के नेता उनकी रैलियों में जाने से रोकने के लिए लोगों को धमका रहे हैं। यही कारण है कि उन्होंने बांदा के लोगों को सपा कार्यकर्ताओं से न डरने के लिए कहा।
कौन हैं ओमप्रकाश राजभर?
ओमप्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। उनके पास अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन सशक्तीकरण विभाग हैं। वह पहले बहुजन समाज पार्टी के नेता हुआ करते थे लेकिन मायावती से मतभेदों के बाद उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बनाई। बीते कुछ सालों में वह अलग-अलग दलों के साथ रहे हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में वह BJP के साथ गठबंधन में थे, वहीं 2022 में वह सपा के साथ मिल गए। हालांकि 2024 लोकसभा चुनाव के वक्त वह फिर से BJP के साथ हो लिए।
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