किसी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते: जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट पर SC की टिप्पणी, कहा- प्रदर्शन के लिए तय जगहों पर भी समय-सीमा हो
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अक्टूबर में जंतर-मंतर को प्रदर्शन की जगहों से हटा दिया गया। इससे पहले यहां विपक्ष समेत कई संगठनों ने CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए थे।
नेशनल डेस्क. सुप्रीम कोर्ट ने विरोध प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि कोई भी व्यक्ति या संगठन विरोध प्रदर्शन के नाम पर किसी जगह पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं कर सकता। यहां तक कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों पर भी एक निश्चित समय-सीमा होनी चाहिए।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह टिप्पणी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विपक्षी दलों के प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की। यह प्रदर्शन पिछले महीने चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ हुआ था। मामले में केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा।
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'हर किसी को प्रदर्शन का अधिकार, लेकिन जगह पर कब्जा नहीं कर सकते'
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि किसी एक समूह को हमेशा के लिए किसी जगह पर कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एक संगठन अनिश्चितकाल तक किसी स्थान पर प्रदर्शन करता रहेगा, तो दूसरे प्रदर्शनकारियों के लिए जगह कहां बचेगी?
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CJI ने कहा- आप किसी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते। दूसरे प्रदर्शनकारी भी हैं। किसान या वकील कहां जाएंगे? हर किसी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है।

