Lawyers vs Delhi Police विवाद अब अदालत में: दिल्ली हाईकोर्ट ने ACP मनस्वी के खिलाफ याचिका दाखिल करने को कहा; वकीलों को काले कोट वाले गुंडे कहा था
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दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर ACP मनस्वी वशिष्ठ और कुछ पुलिसकर्मियों ने सोमवार (2 नवंबर) को प्रदर्शन किया था। इस दौरान वकीलों के खिलाफ खूब बयानबाजी हुई थी।
नेशनल डेस्क। दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। वकीलों ने मंगलवार (3 नवंबर) को दिल्ली हाईकोर्ट से मांग की कि ACP मनस्वी वशिष्ठ की ओर से वकीलों के खिलाफ दिए गए आपत्तिजनक बयानों और धमकियों पर कोर्ट खुद संज्ञान ले।
एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थे। वकीलों ने आरोप लगाया कि ACP मनस्वी वशिष्ठ ने वकीलों के लिए 'काले कोट के गुंडे' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने वकीलों से कहा कि आप इस मामले में याचिका दाखिल करें। कोर्ट ने भरोसा दिया कि याचिका को जल्द सुनवाई के लिए लिस्टिंग किया जाएगा। बेंच ने वकीलों से मामले की एक कॉपी दिल्ली सरकार के क्रिमिनल स्टैंडिंग काउंसिल संजय लाओ को देने के लिए भी कहा।
शाहदरा पुलिस स्टेशन से शुरू हुई कार्रवाई
यह पूरा विवाद 23 अक्टूबर को पूर्वी दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना के बाद शुरू हुआ। रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के सर्कुलर के मुताबिक, उस शाम कुछ वकील एक मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर शाहदरा थाने पहुंचे।
वकीलों का आरोप है कि ACP मनस्वी वशिष्ठ और थाने के SHO ने उन्हें भरोसा दिया कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि, अगले दिन वकीलों को पता चला कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के फौरन बाद छोड़ दिया गया है।
इसके बाद वकील दोबारा थाने पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इसी दौरान ACP मनस्वी वशिष्ठ से वकीलों की कहासुनी हुई। वकीलों का कहना है कि ACP ने इस दौरान उन्हें धमकाया।
ACP के विरोध में 28 अक्टूबर को रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने काम बंद रखने का फैसला लिया। इसके बाद ACP और एक अन्य SHO पर कार्रवाई हुई और इनका ट्रांसफर कर दिया गया।
ACP का धरना प्रदर्शन
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। सोमवार (2 नवंबर) को ACP मनस्वी वशिष्ठ समेत कई पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर जमा हो गए। देर तक प्रदर्शन और नारेबाजी होती रही।
ACP मनस्वी के कई वीडियो सामने आए, जिसमें वह वकीलों के लिए गलत शब्द कहते हुए दिखाई दिए। इस दौरान पुलिस कमिश्नर से भी उनकी बहस हुई। वे इस तरह के मामलों से निपटने के लिए SOP बनाने की मांग भी कर रहे थे।
रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के वकीलों ने अपने खिलाफ हुई बयानबाजी के विरोध में 3 नवंबर को फिर से काम बंद रखने का ऐलान किया। वकीलों की मांग थी कि इस तरह के बर्ताव के लिए ACP को सस्पेंड किया जाना चाहिए।
मंगलवार सुबह खबर आई कि मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड कर दिया गया है। इसी के बाद रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी नोटिस जारी किया और बताया कि उनकी मांग पूरी हुई इसलिए काम बंद रखने का फैसला तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है।
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