मुस्लिम लीग बनाएगी नेताओं के लिए 'कोड ऑफ कंडक्ट': लोगों से मिलने वाली मदद और सर्विस पर डायरेक्शन मिलेंगे; रेंज रोवर कंट्रोवर्सी का है असर
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तस्वीर कोझिकोड में मुस्लिम लीग की स्टेट कमिटी का ऑफिस 'लीग हाउस' नजर आ रहा है।
नेशनल डेस्क। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) अब अपने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के लिए खास गाइडलाइन बनाने जा रही है। इसके लिए 3 अक्टूबर को कोझिकोड में बैठक होगी। इसमें पार्टी के सभी बड़े नेता और चुने गए लीडर शामिल होंगे। पार्टी के स्टेट प्रेसिडेंट पनक्कड़ सादिक अली शिहाब थंगल नेताओं को नई गाइडलाइन के बारे में जानकारी देंगे।
पार्टी का यह फैसला केरल के मंत्री केएम शाजी के एक रेंज रोवर गाड़ी के इस्तेमाल करने को लेकर हुए विवाद के बाद आया है। शाजी अपने सरकारी वाहन की जगह किसी दोस्त की रेंज रोवर में सफर करते हैं। इस पर पार्टी के कई नेता नाराज हैं।

पार्टी क्या चाहती है?
मलयालम न्यूज आउटलेट 'मातृभूमि न्यूज' के मुताबिक, पार्टी अब यह साफ करना चाहती है कि मंत्री समेत पार्टी के तमाम जनप्रतिनिधि अपने कार्यकर्ताओं या आम लोगों से मिलने वाली सुविधाओं और सेवाओं का इस्तेमाल किस तरह करें।
गाइडलाइन में इस तरह की चीजों को लेकर सावधानियां बताई जाएंगी। यानी किसी शख्स व्यक्ति की गाड़ी, सुविधा या दूसरी मदद लेने में किन-किन बातों का ध्यान रखना है, इसे लेकर पार्टी अपने नेताओं को स्पष्ट निर्देश देगी।

क्या शाजी पर एक्शन लेगी पार्टी?
रेंज रोवर कंट्रोवर्सी के बाद पार्टी के कई सीनियर लीडर केएम शाजी से खुश नहीं हैं। हालांकि, शाजी के खिलाफ संगठन की तरफ से कार्रवाई किए जाने की पॉसिबिलिट भी न के बराबर है। यानी फिलहाल मामला किसी नेता को सजा देने के बजाय आगे ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए नियम बनाने की डायरेक्शन में जाता दिख रहा है।
ज्यादातर मंत्री और कई विधायक पहली बार सदन में
IUML के सीनियर लीडर पीके कुन्हालीकुट्टी को छोड़कर पार्टी के बाकी सभी मंत्री नए हैं। पार्टी के कई विधायक भी पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। ऐसे में पार्टी लीडरशिप चाहती है कि नए मंत्रियों और विधायकों को सरकारी पद से जुड़ी सुविधाओं और आम लोगों से मिलने वाली मदद को लेकर साफ नियम पता हों।
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