IIT बॉम्बे के स्टूडेंट ने सुसाइड से पहले कहा था- गलती हो गई: एग्जाम में नकल करते पकड़े जाने पर शर्मिंदा था! दोस्तों से पूछताछ में क्या-क्या पता चला
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साहिल वाकोडे के पिता और माता अपने परिवार और साथियों के साथ मुंबई के आजाद मैदान में धरने पर बैठे हुए हैं। इनकी मांग है कि इस पूरे मामले की अच्छे से जांच हो और दोषियों को सजा मिले। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। IIT-बॉम्बे के स्टूडेंट साहिल वाकोडे के सुसाइड मामले में कुछ नई बातें सामने आई हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ पता चला है कि साहिल एग्जाम में चीटिंग करते पकड़े जाने के बाद शर्मिंदा था और उसने अपनी एक फ्रेंड को भी यह बात बताई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि चीटिंग करते हुए पकड़े जाने और मौत के बीच के कुछ घंटों में स्टूडेंट ने कुछ दोस्तों से बातचीत की थी। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि साहिल ने करीब 2.30 बजे एक फीमेल फ्रेंड से फोन पर बात की और एग्जाम खराब होने और नकल करते पकड़े जाने को लेकर अफसोस जताया।
अधिकारी के मुताबिक, स्टूडेंट ने कहा था कि उसके मिड सेम एग्जाम अच्छे नहीं जा रहे। थर्मोडायनामिक्स का पेपर खराब गया और अब वह चीटिंग करते पकड़ा गया। उसने यह भी कहा कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई।
अब तक 25 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हुई
18 सितंबर को हुई इस घटना के बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच पूरे मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस अब तक IIT-बॉम्बे के स्टूडेंट्स और हॉस्टल स्टाफ समेत 25 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें वे दोस्त भी शामिल हैं, जिनसे साहिल ने एग्जाम के ठीक बाद फोन पर बात की थी।

iPhone का लॉक खोलने की कोशिश
पुलिस ने स्टूडेंट का iPhone जांच के लिए कालिना फोरेंसिक साइंस लैब भेजा है। जांच टीम फोन का डेटा हासिल करने की कोशिश कर रही है। अगर फोरेंसिक टीम फोन अनलॉक नहीं कर पाती है, तो पुलिस Apple कंपनी से मदद मांग सकती है। फोन और सोशल मीडिया से मिलने वाला डेटा यह समझने में मदद कर सकता है कि एग्जाम में नकल की घटना के बाद क्या-क्या हुआ था और क्या जातिगत प्रताड़ना का भी कोई मामला बनता है या नहीं।
दरअसल, इस मामले में स्टूडेंट की फैमिली ने IIT-बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला पर जाति के आधार पर परेशान करने का आरोप लगाया है। परिवार की शिकायत पर पॉवई पुलिस ने जो FIR दर्ज की है, उसमें दुल्ला को आरोपी बनाया गया है।
स्टूडेंट के पिता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि आखिरी बार जब उनकी बेटे से मुलाकात हुई थी, तब उसने बताया था कि पिछले करीब तीन महीने से इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर शिरीष केदारे के कहने पर प्रोफेसर दुल्ला उसकी जाति को लेकर गलत बर्ताव कर रहे थे। पिता के मुताबिक, स्टूडेंट ने यह भी कहा था कि उसे डर था कि उसे किसी झूठे मामले में फंसाया जा सकता है। हालांकि, क्राइम ब्रांच ने अभी प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला का बयान दर्ज नहीं किया है।
जांच टीम ने IIT-बॉम्बे की CCTV फुटेज भी कालिना फोरेंसिक साइंस लैब भेजी है। पुलिस फुटेज की जांच के साथ जरूरी सर्टिफिकेट भी हासिल कर रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर इसे कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके।
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