महाराष्ट्र में टैक्सी ड्राइवर्स का मराठी बोलना अनिवार्य: ऐसा नहीं करने पर मिलेगा नोटिस; लाइसेंस-बैज 3 महीने तक होंगे सस्पेंड
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राज्य में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा बोलने का नियम 20 अगस्त से लागू होगा। (AI इमेज)
नेशनल डेस्क. महाराष्ट्र में अब मराठी नहीं जानने वाले टैक्सी ड्राइवर पर एक्शन लिया जाएगा। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने कहा- जिन्हें मराठी भाषा का काम-चलाऊ ज्ञान नहीं है, गुरुवार से उन ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा- पहले नोटिस जारी किए जाएंगे और अगर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो ड्राइवर का लाइसेंस और बैज 3 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।
ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने सोशल मीडिया X पर लिखा- राज्य में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की व्यावहारिक जानकारी होना जरूरी है और यह नियम कल 20 अगस्त से लागू होगा।
मराठी सीखने से इनकार पर लाइसेंस रद्द होगा
सरनाईक ने कहा- अगर वे जान-बूझकर मराठी सीखने से इनकार करते हैं, तो उनका बैज और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा- 1989 से ही राज्य में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने के लिए मराठी भाषा की व्यावहारिक जानकारी जरूरी रही है। 12 अगस्त 2026 को बने कानूनी प्रावधानों के अनुसार- अब इस नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा।
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'मराठी भाषा को बढ़ावा देना मकसद'
प्रताप सरनाईक ने कहा- महाराष्ट्र ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए नागरिकों को रोजगार के अवसर दिए हैं। हालांकि, मराठी भाषा और संस्कृति के गौरव को बनाए रखना भी जरूरी है। यह फैसला मराठी भाषा को बढ़ावा देने, उसका प्रचार-प्रसार करने और उसे संवारने के मकसद से लिया गया है, खासकर तब जब इसे क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया गया है।
सरनाइक ने मंगलवर को कहा- महाराष्ट्र, खासकर मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में काम करने वाले लगभग 6 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी भाषा सीखने की पहल के दायरे में लाया जाएगा।

