मुरुगन के इस्तीफे के बाद मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा: दिवाली तक संभव; 4 मंत्री दे चुके हैं इस्तीफा
Published:
4 min read

BJP ने 2029 और उसके बाद के लिए नेतृत्व का स्ट्रक्चर भी तैयार करना शुरू कर दिया है। जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी कैबिनेट में युवा और महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ सकती है। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने मोदी कैबिनेट और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वह मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद थे, उनका कार्यकाल 2030 तक था। इस्तीफे में उन्होंने लिखा- अब वह तमिलनाडु में पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं। मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद भी दिया।
इससे पहले रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल हाल ही में खत्म हुआ है। BJP ने मंत्री हरदीप सिंह पुरी और BL वर्मा को राज्यसभा के लिए दोबारा नॉमिनेट नहीं किया। अब एल मुरुगन के इस्तीफे से कैबिनेट में कम से कम आधा दर्जन पद खाली होने की उम्मीद है।

दिवाली से पहले फेरबदल की संभावना
दिवाली से पहले कभी भी केंद्र सरकार में कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह सरकार का आधा कार्यकाल के बाद पहला कैबिनेट विस्तार होगा।
4 मंत्री दे चुके हैं इस्तीफा
हाल ही में मोदी कैबिनेट में 4 बदलाव हुए हैं। NEET में गड़बड़ी को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री का पद छोड़ दिया। अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने पर इस्तीफा दे दिया है। वहीं अब मुरुगन ने भी कैबिनेट और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है।
3 मंत्रियों को पार्टी में जिम्मेदारी मिली
BJP में एक पार्टी, एक पद के तहत, वह मंत्री भी पद खाली करेंगे, जिन्हें पार्टी में नई जिम्मेदारी दी गई है। इनमें हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली और पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं नितिन नवीन की टीम में मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा, कुछ मंत्री ऐसे भी हैं जिनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने वाला है। इनमें पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सामाजिक न्याय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का मौजूदा कार्यकाल नवंबर में खत्म हो जाएगा।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मंत्रियों को उनके कामकाज के आधार पर भी हटाया जा सकता है। मोदी कैबिनेट में कौन बना रहेगा, कौन जाएगा और कौन आएगा, इसको लेकर उम्र की भी बड़ी भूमिका रहेगी।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी कैबिनेट में युवा और महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
यह खबर भी पढ़ें; केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: प्रह्लाद जोशी को जिम्मेदारी; CJP चीफ दीपके बोले- हमने कर दिखाया
मोदी कैबिनेट में नए संभावित चेहरे
राज्यों की बात करें तो BJP हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक से लोगों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश भी जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य गुजरात भी, जहां अगले साल के आखिर तक चुनाव होने हैं। महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे की शिवसेना में अब 13 सांसद हो गए हैं। ऐसे में मोदी कैबिनेट में जगह पाने के लिए एकनाथ के बेटे श्रीकांत शिंदे का नाम चर्चा में है।
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में शामिल हुए 7 राज्यसभा सांसदों में से कैबिनेट में जगह मिल सकती है, क्योंकि पंजाब में भी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अभी संदीप पाठक को पार्टी में सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी गई है। पंजाब से शिरोमणि अकाली दल (SAD) की वापसी की भी संभावना है, क्योंकि SAD-BJP गठबंधन फिर से बन सकता है। पश्चिम बंगाल में TMC के बागी गुट के सांसद भी कैबिनेट में चेहरा हो सकता है। सांसद काकोली घोष दस्तीदार के गुट ने NDA का समर्थन किया है।
BJP की 2029 पर नजर
पार्टी ने 2029 और उसके बाद के लिए नेतृत्व का स्ट्रक्चर भी तैयार करना शुरू कर दिया है। मतलब साफ है कि कैबिनेट में होने वाले संभावित बदलाव का मकसद सिर्फ खराब परफोर्मेंस करने वाले मंत्रियों को हटाना नहीं, बल्कि सरकार, संगठन और चुनावी रणनीति के बीच तालमेल बिठाना हो सकता है। अगर योगी आदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस और कुछ अन्य युवा नेताओं को बीजेपी की संसदीय बोर्ड में शामिल किया जाता है, तो संदेश और भी साफ हो जाएगा।

