INDIA ब्लॉक के सांसद राजघाट पहुंचे: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ धरना शुरू; ट्रैफिक डायवर्ट, 20 हजार से ज्यादा पुलिस जवान तैनात
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INDIA ब्लॉक का तीन दिन में यह तीसरा प्रोटेस्ट मार्च है। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। INDIA ब्लॉक के सांसद अब राजघाट में धरना दे रहे हैं। इस बार उन्हें रोकने की कोशिश नहीं हुई। विपक्षी सांसद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ राजघाट की ओर बढ़े। कनॉट प्लेस में लंच मीटिंग के ठीक बाद सांसदों का यह काफिला बस में सवार होकर राजघाट की ओर निकला था।
राहुल गांधी का कहना है कि वे CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन सरकार दो दिन से उन्हें यह करने से रोक रही है। उन्होंने कहा कि पहले दिन वह सीधे निर्वाचन सदन जाना चाह रहे थे लेकिन नहीं जाने दिया गया। फिर आकाशवाणी भवन में प्रोटेस्ट भी नहीं करने दिया। बुधवार को जंतर-मंतर जा रहे थे तो वहां से भी हमें हिरासत में ले लिया गया। अब हम राजघाट में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार लोगों से वोट देने का अधिकार छीन रही है। इसीलिए हम यह लड़ाई लड़ रहे हैं। राजघाट में गांधीजी के स्मारक पर जाकर मोदी-शाह को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करेंगे।
इस प्रोटेस्ट के बीच दिल्ली पुलिस और एडमिनिस्ट्रेशन अलर्ट मोड पर है। राजघाट से सटे इलाकों में बस और बड़े वाहनों की आवाजाही पर रात 10 बजे तक के लिए रोक लगा दी गई है। भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। करीब 20 हजार पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को तैनात किए जाने का दावा है। यह तैनाती CJP के 10 अक्टूबर को होने वाले प्रोटेस्ट को देखते हुए भी की गई है।
यानी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट और आक्रामक होता जा रहा है। CJP ने जहां मुंबई और बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, विपक्षी सांसद लगातार तीन दिन से दिल्ली में प्रोटेस्ट कर रहे हैं। पहले दिन संसद के मकर द्वारा से निर्वाचन सदन जाने की कोशिश हुई। दूसरे दिन जनपथ से जंतर-मंतर के लिए मार्च निकाला गया और आज काफिला राजघाट पहुंच गया है। तीन तस्वीरें...



पहले दिन: सेव डेमोक्रेसी मार्च
INDIA ब्लॉक के सभी दलों ने मंगलवार (6 अक्टूबर) से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के इरादे से अपना सामूहिक अभियान शुरू किया। ठीक 10.45 पर विपक्षी दलों के इस अलायंस ने 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' निकाला।
INDIA ब्लॉक के सांसद हाथ में पोस्टर और तख्तियां लेकर निर्वाचन सदन की ओर बढ़े। CEC ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बीच प्रोटेस्ट मार्च को पुलिस ने नीति आयोग भवन के पास रोक दिया। ऐसे में सांसद जमीन पर ही बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
कुछ देर तक यह चलता रहा। इसी दौरान विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोड से उठाना शुरू किया। अखिलेश यादव, कल्याण बनर्जी, संजय राउत समेत तमाम विपक्षी सांसदों को बसों में भर-भरकर हिरासत में लिया गया।
प्रोटेस्ट मार्च की शुरुआत में राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत 19 विपक्षी दलों के सांसद मौजूद थे। करीब 300 सांसद होने के दावे थे। हालांकि ज्यादातर सांसदों को हिरासत में लेने के बाद महज कांग्रेस के कुछ ही सांसद बचे जिन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी समेत आकाशवाणी भवन में एंट्री ली। यहां से निर्वाचन सदन महज 300 मीटर दूर था। जब आकाशवाणी भवन से भी मंजिल तक पहुंचने की कोशिश फेल हो गई तो आकाशवाणी भवन परिसर में ही धरना शुरू कर दिया गया।
राहुल और प्रियंका गांधी निर्वाचन सदन जाने पर अड़ गए। 8 घंटे तक धरना देते रहे। आखिरी में उन्हें कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ दिल्ली पुलिस उठाकर ले गई। कुछ देर हिरासत में रखने के बाद इन्हें छोड़ दिया गया। तीन तस्वीरें...



दूसरे दिन: जंतर-मंतर मार्च
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार (8 अक्टूबर) दोपहर 1 बजे लंच मीटिंग बुलाई। इसके बाद अचानकर सभी विपक्षी सांसद बस से जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए। विपक्ष का कहना था कि उन्हें चुनाव आयोग जाना था, नहीं जाने दिया गया इसलिए आकाशवाणी भवन में बैठकर प्रोटेस्ट कर रहे थे। वहां से भी उठा दिया गया तो अब हम जंतर-मंतर पर धरना देंगे।
विपक्षी लीडर्स को आगे बढ़ने से रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिसबल तैनात था। जंतर-मंतर के ठीक पहले पूरे कारवां को रोक दिया गया। ऐसे में विपक्षी सांसदों और पुलिस के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही।
इस दौरान राहुल गांधी की लीडरशिप में विपक्षी सांसद और कार्यकर्ताओं का झुंड पुलिस को धक्का देते हुए आगे बढ़ता देखा गया। राहुल गांधी भी कभी बैरिकेड हटाते तो कभी पुलिसवालों के साथ धक्का-मुक्की करते नजर आए। प्रियंका गांधी समेत महिला कांग्रेस की कई नेता और कार्यकर्ता जमीन पर लेट गईं। आखिरी में सभी को फिर से हिरासत में ले लिया गया। तीन तस्वीरें...



अब आगे क्या?
विपक्ष का कहना है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रद्द करने तक प्रोटेस्ट जारी रहेगा। कांग्रेस के तमाम बड़े लीडर यह साफ कह चुके हैं कि बार-बार हिरासत में लिए जाने और FIR दर्ज होने से हम नहीं डरेंगे। हमारी लड़ाई लक्ष्य पूरा होने तक जारी रहेगी। हम हर दिन सड़क पर उतरेंगे।
विपक्षी दल देशभर में चुनाव आयोग के खिलाफ बीते 10 दिनों से प्रोटेस्ट कर रहे हैं। उधर, CJP का भी विरोध प्रदर्शन जारी है। मुंबई के बाद बुधवार को बेंगलुरू में अभिजीत दीपके की लीडरशिप में CJP की टीम ने प्रोटेस्ट किया। इस प्रोटेस्ट में ध्रुव राठी और प्रकाशराज जैसी शख्सियत मौजूद रहीं। CJP 10 अक्टूबर से दिल्ली में भी प्रदर्शन करेगी।
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