झारखंड में छात्रों को बातचीत का न्योता: प्रदर्शनकारी बोले- मीडिया की मौजूदगी में CM से बात करेंगे; 12 दिन से आंदोलन जारी
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झारखंड में JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CID कर रही है। इस के में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तार हो गई है।
नेशनल डेस्क. झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 12 दिन से जारी है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने में सैकड़ों छात्र शामिल हो रहे हैं। छात्र नेताओं को सरकार की तरफ से बातचीत का न्योता आया है। छात्रों की शर्त है कि वह मीडिया की मौजूदगी में मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगें।
बुधवार को रांची के सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) कुमार रजत ने प्रदर्शन स्थल पर छात्रों के साथ बातचीत की। उन्होंने छात्रों से 5 से 7 लोगों की एक टीम चुनने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि सरकार हर मुद्दे पर बातचीत करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए तैयार है।
सरकार की तरफ SDO ने दिया बातचीत का न्योता
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, सरकार की ओर से हमें SDO के जरिए बातचीत का न्योता मिला है, हमने भी छात्रों के तौर पर SDO को बता दिया है कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं।
बातचीत के लिए छात्रों ने रखी शर्तें
पासवान ने आगे कहा- हमारी मुख्य शर्त यह है कि चर्चा सीधे मुख्यमंत्री के साथ हो, और हमें भरोसा दिलाया गया है कि मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। दूसरी बात, हम चाहते हैं कि बातचीत के दौरान मीडिया वहां मौजूद रहे। हम चाहते हैं कि बातचीत मीडिया की मौजूदगी में हो। SDO ने हमसे कहा है कि हम अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम जमा कर दें, जिसके बाद बैठक की तारीख और समय बताया जाएगा।
इससे पहले CID ने बुधवार को 5 और लोगों को गिरफ्तार किया। अब गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 19 हो गई है।

छात्र नेता की भूख हड़ताल का 5वां दिन
छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा- सोनम वांगचुक से बात करने के बाद मैं जल ग्रहण कर रहा हूं। अभी भी भूख हड़ताल जारी है। आज भूख हड़ताल का 5वां दिन है। ये तब तक जारी रहेगा जब तक हमारी सभी मांगे पूरी नहीं होगी साथ ही झारखंड के सभी छात्र संतुष्ट नहीं हो जाते हैं। आज सरकार से बातचीत होनी है।
विपक्ष भी सरकार का सहयोग करे- मंत्री
झारखंड सरकार में मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा- बहुत साफ बात है कि ये पेपर लीक का मामला नहीं है। ये बैक डोर से और गलत मतलब के साथ लोगों की नियुक्ति करने की बात है। इसमें वो एजेंसी दोषी है जिसने प्रश्नों को या पहले से ही लोगों को सीट कर रखा था। सरकार का दायित्व है कि ऐसे मामलों में जिन लोगों की संलिप्तता है उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई हो। जो प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री और हमारी सरकार में है। जो वास्तविक छात्र हैं, वे भी चाहते हैं कि उन्हें न्याय मिले। विपक्ष भी सरकार को सहयोग करे।
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