झारखंड में स्टूडेंट्स की 11वें दिन भूख हड़ताल जारी: बोले- जब तक सरकार सभी मांगें नहीं मानती, प्रदर्शन जारी रहेगा
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झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर छात्र पिछले 20 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं।
नेशनल डेस्क. झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। कुछ स्टूडेंट्स पिछले 11 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। इसके बावजूद अनशन कर रहे छात्रों ता कहना है कि वे तब तक अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे, जब तक सरकार उनकी सभी मांगों को नहीं मान लेती।
अनशन पर बैठे स्टूडेंट प्रेम नायक ने कहा कि वे अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे। उन्होंने कहा- मैं और अनशन कर रहे अन्य छात्र अपनी जान का खतरा उठाने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा- आज मेरी भूख हड़ताल का 11वां दिन है। हम 20 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। डॉक्टर ने मुझसे अनशन खत्म करने के लिए कहा है। लेकिन जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानती, हम भूख हड़ताल जारी रखेंगे। इन हालातों में जिंदा रहने का भी कोई मतलब नहीं है।
झारखंड में आंदोलन क्यों
झारखंड में आंदोलन 24-25 जुलाई के आसपास रांची में शुरू हुआ। छात्र 14वीं JPSC परीक्षा के रिजल्ट और परीक्षा प्रक्रिया और JPSC-JSSC की दूसरी भर्तियों में कथित घोटालों और गड़बड़ियों को लेकर पहले बापू वाटिका और बाद में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे। 25 जुलाई से JPSC-JSSC रिफॉर्म मार्च के बैनर तले आंदोलन तेज हुआ।
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कई दौर की बातचीत, नहीं बनी सहमति
सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद सबसे बड़ा गतिरोध CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने को लेकर है। सरकार का दावा है कि उसने करीब 98% मांगें स्वीकार कर ली हैं, लेकिन छात्रों का कहना है कि उनकी मूल मांगों पर ठोस और लिखित फैसला नहीं हुआ है।
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सरकार किन बातों पर राजी हुई?
सरकारी पक्ष का दावा है कि करीब 98% मांगों पर सहमति बन चुकी है।
- 14वीं JPSC और 2023-25 की बैकलॉग भर्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच कराने पर सहमति।
- आपराधिक जांच CID से कराने का वादा।
- वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए ED की भूमिका।
- जांच को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव।
- आरोपियों के खिलाफ 90 दिन में चार्जशीट दाखिल करने का प्रस्ताव।
- JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेष कमेटी बनाने की बात।
- इस सुधार प्रक्रिया में IIT-ISM, IIM Ranchi और XLRI जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल करने का प्रस्ताव।
- जांच की निगरानी के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति बनाने का प्रस्ताव।

