झारखंड में स्टूडेंट प्रोटेस्ट का 18वां दिन: BJP का बंद, पुलिस से झड़प, ABVP कार्यकर्ता हिरासत में; सरकार बोली- 98% मांगें मानी
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तस्वीर मंगलवार (11 अगस्त) की है। BJP ने स्टूडेंट के सपोर्ट में झारखंड बंद का आह्वान किया। इस दौरान कई जगहों पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। झारखंड में सरकारी नौकरी के लिए भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर जारी स्टूडेंट प्रोटेस्ट का 18वां दिन है। मंगलवार (11 अगस्त) को BJP ने इस पूरे प्रोटेस्ट को टेक ओवर किया। एक ओर BJP ने झारखंड बंद का आह्वान किया, दूसरी ओर पार्टी की स्टूडेंट विंग यानी ABVP ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च किया। मार्च के दौरान पुलिस ने कई ABVP कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
राजधानी रांची में स्टूडेंट 25 जुलाई से प्रोटेस्ट कर रहे हैं। उनकी कई मांग हैं। इनमें भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में सुधार, कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला और पूरे मामले की जांच CBI या राज्य के बाहर के रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों की कमेटी से कराए जाने की बातें शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर मांगों पर सहमति बन चुकी हैं लेकिन इक्का-दुक्का मांगों पर मतभेद होने से प्रोटेस्ट जारी है।
BJP ने 8 बजे से आधी रात तक बुलाया बंद
सोमवार (10 अगस्त) को स्टूडेंट्स ने विधानसभा की ओर मार्च किया था। इस दौरान वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागे गए। इसी के विरोध में BJP ने मंगलवार सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक झारखंड बंद का ऐलान किया। इससे पहले BJP कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के घर का घेराव भी किया था।
BJP का आरोप है कि सरकार ने छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया। पार्टी ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज करना गलत है।
ABVP का विधानसभा मार्च, कई कार्यकर्ता हिरासत में
ABVP ने मंगलवार को पुराने विधानसभा परिसर से नए विधानसभा भवन तक ‘विधानसभा मार्च’ का ऐलान किया था। मार्च शुरू होते ही पुलिस ने कई ABVP कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
इससे पहले सोमवार को स्टूडेंट्स ने जब विधानसभा मार्च निकाला था तब हल्के पुलिस बल के इस्तेमाल के बावजूद भीड़ विधानसभा भवन तक पहुंच गई थी। ऐसे में इस बार पुलिस ने ABVP कार्यकर्ताओं को सीधे हिरासत में लेने का फैसला किया। तीन तस्वीरें...



6 स्टूडेंड आमरण अनशन पर, 2 अस्पताल में भर्ती
6 स्टूडेंट अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें से दो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्टूडेंड और सरकार के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।
सरकार की बातचीत वाली कमेटी का कहना है कि प्रशासन ने छात्रों की 98% मांगें मान ली हैं, इसके बावजूद आंदोलन जारी रखना ठीक नहीं है। दूसरी तरफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के इस दावे को खारिज कर दिया है।

सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर हामी भरी
झारखंड सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा और 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति दे दी है। हालांकि JSSC-CGL एग्जाम को रद्द करने की मांग पर सरकार का कहना है कि इसे रद्द करने का फैसला सीधे नहीं लिया जा सकता, क्योंकि यह परीक्षा कोर्ट की निगरानी में हुई थी।
सरकार ने CID जांच की निगरानी के लिए रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव भी दिया है। लेकिन प्रदर्शनकारी इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। इनकी मांग है कि इस मामले में CBI और ED को जांच की जिम्मेदारी देनी चाहिए।
राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने हाल ही में बताया है कि भर्ती प्रक्रिया में पैसों से जुड़ी गड़बड़ी के सबूत सामने आने के बाद सरकार ने खुद ED जांच के लिए भी हामी भरी है।

हेमंत सोरेन बोले- बातचीत से निकालें रास्ता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत और भरोसे के जरिए अपनी शिकायतों का हल निकालने की अपील की है।
उन्होंने BJP पर राजनीतिक फायदा उठाने के लिए छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया। सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है और बातचीत से समाधान निकाला जा सकता है।
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