आर्मी और एयरफोर्स में बड़ा फेरबदल: नए वाइस चीफ और कमांड प्रमुखों की नियुक्ति; जानिए किस-किस को मिली जिम्मेदारी
Published:
4 min read

नेशनल डेस्क. इंडियन आर्मी में बड़े स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। भारतीय सेना और वायुसेना में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ (VCOAS) का पद संभाला है, जबकि एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ बने हैं। इसके अलावा एयर मार्शल तेजिंदर सिंह को चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (CISC) का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। सेना में साउदर्न और साउथ वेस्टर्न कमांड को भी नए कमांडर मिले हैं।
वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ (VCOAS) का पद संभाला। वह 1988 में महार रेजिमेंट में कमीशन हुए थे। उनके पास 4 दशकों का ऑपरेशनल एक्सपीयरेंस है। अपने करियर के दौरान उन्होंने इन्फेंट्री बटालियन, इन्फेंट्री ब्रिगेड, काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स, पीवोट कॉर्प और नोर्थ कमांड में एक कोर की भूमिका निभाई है।
वह इथियोपिया और साउथ सूडान में यूनाईटेड मिशन में भी सेवाएं दे चुके हैं। उनके पास काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन, ऊंचे स्थानों पर ऑपरेशन का अनुभव है। लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन को अति विशिष्ट सेवा मेडल और सेना मेडल मिल चुके हैं।
वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ बने हैं। उन्होंने एयर मार्शल नादेश कपूर की जगह ली है। वह 4 दशक की सर्विस के बाद रिटायर हुए हैं। दीक्षित दिसंबर 1986 में फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे। वह नेशनल डिफेंस अकादमी, डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज (बांग्लादेश) के छात्र रहे हैं।
एयर मार्शल दीक्षित एक एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं। उन्हें 3,500 घंटे फ्लाइंग का एक्सपीरियंस है। उन्होंने मिराज -200, जगुआर, MIG के कई वैरियेंट्स, हॉक और तेजस जैसे जेट उड़ाए हैं। अपने करियर में उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर, रक्षक और सिंदूर जैसे ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है।
वह इससे पहले सेट्रल एयर कमांड में एयर ऑफिसर कमांडिग इन चीफ रहे हैं। इसके बाद वह चीफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ रह चुके हैं। उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच कॉर्डिनेशन और इंटीग्रेशन में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल जैसे अवार्ड मिल चुके हैं।
एयर मार्शल तेजिंदर सिंह CISC बने
एयर मार्शल तेजिंदर सिंह चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (CISC) के चेयरमैन बने हैं। 1987 में वह फाइटर पायलट कमीशन हुए थे। वह A कैटेगिरी में फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं। उनके पास 4,500 घंटे की फ्लाइंग का अनुभव है। अपने करियर में उन्होंने फाइटर स्वाक्वड्रन, रडार स्टेशन, प्रमुख फाइटर बेस की कमार संभाली है। साथ ही जम्मू-कश्मीर में कमांडिग एयर ऑफिसर रह चुके हैं।
वह एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ऑफ साउथ वेटर्न एयर कमांड रह चुके हैं। उन्होंने परम विशिष्ट सेवा मेडल, अतिविशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल जैसे अवार्ड मिल चुके हैं।
2 आर्मी कमांड प्रमुख भी मिले
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को साउदर्न कमांड की जिम्मेदारी दी गई है, उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन की जगह ली है। वह 1988 में 74 आर्मड रेजिमेंट में कमीशन हुए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने विभिन्न कमांड और इंस्ट्रक्शनल में सेवाए दी हैं।
उन्होंने एक आर्मर्ड रेजिमेंट, एक इंडिपेंडेंट आर्मर्ड ब्रिगेड, एक इन्फैंट्री डिवीज़न और एक स्ट्राइक कॉर्प्स की कमान संभाली और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 2 कॉर्प्स का नेतृत्व किया।
मोहित मल्होत्रा
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने साउथ वेस्टर्न कमांड में जनरल ऑफिसर कमांडिग इन चीफ की जिम्मेदारी संभाली है। वह 1989 में 74 आर्मड रेजिमेंट में कमीशन हुए थे। मोहित मल्होत्रा ने सियाचिन ग्लेशियर, आर्म्ड रेजिमेंट, इंडिपेडेंट आर्म्ड ब्रिगेड, आर्म्ड डिविजन और डिजर्ट कॉर्प में कमांड का एक्सपीयरेंस है। उनके पास M.Phil डिग्री है। उनके पास भारत और विदेशों के कई संस्थानों से पढ़ाई की है। अति विशिष्ट सेवा मेडल और सेना मेडल से सम्मानित हो चुके हैं।
2 आर्मी कमांड प्रमुख भी मिले
लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को साउदर्न कमांड की जिम्मेदारी दी गई है, उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन की जगह ली है। वह 1988 में 74 आर्मड रेजिमेंट में कमीशन हुए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने विभिन्न कमांड और इंस्ट्रक्शनल में सेवाए दी हैं।
उन्होंने एक आर्मर्ड रेजिमेंट, एक इंडिपेंडेंट आर्मर्ड ब्रिगेड, एक इन्फैंट्री डिवीज़न और एक स्ट्राइक कॉर्प्स की कमान संभाली और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 2 कॉर्प्स का नेतृत्व किया।
न्यू एयर कमांडर्स
एयर मार्शल PV शिवानंद ने साउथ वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाला। उन्होंने एयर मार्शल तेजिंदर सिंह की जगह ली है।
वह 1988 में फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए थे। उनके पास 2800 घंटों का फ्लाइंग एक्सपीयरेंस है। उन्हें MiG-21 और IL-76 AWACS जैसे विमान को फ्लाइंग किए हैं।

