LAC पर चीन ने घटाई सैनिकों की तैनाती: मोदी-जिनपिंग की मुलाकात के बीच रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में दावा, कहा- बॉर्डर पर स्थिति स्थिर लेकिन संवेदनशील
Published:
4 min read

गलवान में 2020 में हुई हिंसा के बाद भारत और चीन के रिश्तों में तनाव आ गया था
नेशनल डेस्क. गलवान में हुई हिंसा के बाद भारत और चीन के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार की संकेत मिल रहे हैं। चीन ने बॉर्डर से सेना (PLA) की तैनाती में कमी की है। रक्षा मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत की उत्तरी सीमा से लगे चीनी इलाके में चीन की सेना की तैनाती में कमी देखी गई है। हालांकि, मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि बॉर्डर पर स्थिति स्थिर लेकिन संवेदनशील बनी हुई है।
ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 : पुतिन-जिनपिंग का हाथ थामे दिखे मोदी, बोले- हम किसी के खिलाफ नहीं; शी ने कहा- साथ तरक्की करेंगे
यह रिपोर्ट ऐसे में समय पर आई, जब PM नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नई दिल्ली में BRICS समिट के इतर मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने माना कि सीमा पर शांति और स्थिरता भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है।
2024 के डिसएंगेजमेंट के बाद घटी तैनाती
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, PLA की तैनाती में कमी भारत और चीन के बीच 2024 में हुए डिसएंगेजमेंट समझौते के बाद आई है। यह समझौता पूर्वी लद्दाख के देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर हुआ था।
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी सीमा के फॉरवर्ड इलाकों के साथ-साथ चीनी ट्रेनिंग क्षेत्र में भी PLA की तैनाती में कमी देखी गई है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि चीन ने LAC के पूरे इलाके से अपनी सैन्य मौजूदगी हटा ली है।
ये भी पढ़ें: जिनपिंग की Hongqi, पुतिन की Aurus: दुनिया की दो सबसे सेफ कार, सिक्योरिटी ऐसी कि जानकर चौंक जाएंगे; असली कैपिसिटी आज भी एक रहस्य
20 ब्रिगेड के बराबर सैन्य क्षमता अब भी मौजूद
रक्षा मंत्रालय ने कहा- PLA ने भारत की उत्तरी सीमा के सामने टैक्टिकल-ऑपरेशनल डेप्थ में 10 कॉम्बाइंड आर्म्ड ब्रिगेड साइज और ट्रेनिंग एरिया में ऐसी ही 10 ब्रिगेड की तैनाती कर रखी है। हालांकि, फॉरवर्ड इलाकों में सैनिकों की तैनाती में कमी आई है। लेकिन चीन ने LAC के पीछे पर्याप्त सैन्य क्षमता बरकरार रखी है, जिसे जरूरत पड़ने पर तेजी से सीमा के करीब भेजा जा सकता है।
क्या होती है Combined Arms Brigade?
Combined Arms Brigade ऐसी सैन्य इकाई होती है जिसमें अलग-अलग सैन्य क्षमताओं को एक साथ इस्तेमाल किया जाता है। इसमें पैदल सेना के साथ आर्मर्ड यूनिट, आर्टिलरी और दूसरी सैन्य क्षमताएं शामिल हो सकती हैं।
चीन का इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार जारी
रक्षा मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया है कि PLA की तैनाती कम होने के बावजूद चीन LAC के आसपास इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी मजबूत करने का काम जारी रखे हुए है। तिब्बत और शिनजियांग के इलाकों में सड़क, पुल, एयरफील्ड और लॉजिस्टिक सुविधाओं का विस्तार चीन की सीमा पर तेजी से सैन्य मोबिलाइजेशन की क्षमता को बढ़ाता है। यही वजह है कि भारत चीन की मौजूदा कम तैनाती को सीमा विवाद के समाधान या सैन्य चुनौती के पूरी तरह खत्म होने के तौर पर नहीं देख रहा है।
गलवान के बाद पहली बड़ी डी-एस्केलेशन
भारत और चीन के बीच तनाव जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद अपने चरम पर पहुंच गया था। इस झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे, जबकि चीन ने चार सैनिकों के मारे जाने की जानकारी दी थी।
इसके बाद दोनों देशों ने LAC पर बड़ी संख्या में सैनिक, हथियार और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैनात किया। लंबे समय तक जारी सैन्य तनाव के बाद अक्टूबर 2024 में देपसांग और डेमचोक को लेकर हुए समझौते को डी-एस्केलेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
मोदी-शी के बीच रिश्ते सामान्य करने पर जोर
अब भारत-चीन के बीच राजनीतिक संवाद भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। नई दिल्ली में 12 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात में दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति बनाए रखने को भारत-चीन संबंधों के विकास का अहम आधार बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा से जुड़े मौजूदा समझौतों और आपसी सहमतियों का पालन किया जाना चाहिए। वहीं शी जिनपिंग ने भारत और चीन को "प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार" बताते हुए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा, सप्लाई चेन और बाजार तक पहुंच जैसे आर्थिक मुद्दों पर भी बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।

